5G सेवाओं का इंतजार जल्द होगा खत्म, जानिए भारती एयरटेल और टेलीकॉम सेक्टर पर क्या है जेपी मॉर्गन की राय

JPMorgan ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर पर जारी अपने एक नोट में कहा है कि हमें 5G के लिए बिडिंग वॉर जैसी स्थिति की उम्मीद नहीं नजर आ रही है

अपडेटेड Jun 16, 2022 पर 2:35 PM
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टेलीकॉम कंपनियां 16 शहरों के अंदर 5G सेवाओं का ट्रायल कर रही हैं । जानकार मानते हैं कि इन शहरों के अंदर ही सबसे पहले 5G सेवाएं शुरू हो सकती हैं

सरकार ने 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करते हुए कंपनियों से आवेदन मंगाने की शुरुआत कर दी है। 26 जुलाई को स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी। अक्टूबर तक लोगों को 5G सेवाओं के इस्तेमाल का मौका मिल सकता है। दूरसंचार विभाग ने 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करते हुए कंपनियों से आवेदन मंगाने की शुरुआत की। कंपनियां 8 जुलाई तक आवेदन कर सकती हैं। 26 जुलाई को होगी स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी। सरकार 72 गीगाहर्टज स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगी। नीलामी के लिए रखे गए स्पेक्ट्रम की कीमत 4.5 लाख करोड़ रुपए है। सरकार कुल 9 स्पेक्ट्रम में बैंड की नीलामी करेगी। नीलामी खत्म होने के 10 दिन के अंदर कंपनियों को रकम चुकानी होगी कंपनियों को अगस्त में स्पेक्ट्रम का आवंटन होगा। इसके बाद अक्टूबर तक कुछ सर्कल में 5G सेवाएं शुरू हो सकती हैं।

कंपनियां नीलामी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें इसके लिए सरकार ने नीलामी की कई शर्ते आसान की हैं । कंपनियों को स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज नहीं देना होगा। कंपनियां 20 साल की आसान किस्तों में पेमेंट कर सकेंगी । बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार कंपनियों को बैकहॉल स्पेक्ट्रम (backhaul)ज्यादा देगी। जानकार मानते हैं टेलीकॉम कंपनियां 5जी को लेकर काफी उत्साहित हैं।

फिलहाल टेलीकॉम कंपनियां 16 शहरों के अंदर 5G सेवाओं का ट्रायल कर रही हैं । जानकार मानते हैं कि इन शहरों के अंदर ही सबसे पहले 5G सेवाएं शुरू हो सकती हैं। प्रीमियम होने के चलते 5G सेवा थोड़ी महंगी हो सकती है। पहले मेट्रो शहरों के लोगों को 5G सेवा इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा तो 2023 तक पूरे देश में 5G सेवा मिल सकेगी।


आइए जानतें 5जी रोलआउट के टेलीकॉम कंपनियों के लिए क्या मायने हैं।

JPMorgan ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर पर जारी अपने एक नोट में कहा है कि हमें 5G के लिए बिडिंग वॉर जैसी स्थिति की उम्मीद नहीं नजर आ रही है क्योंकि 3300 मेगाहर्ट्ज के 330 मेगाहर्ट्ज का मिड बैंड स्पेक्ट्रम हर सर्कल में उपलब्ध है और एक ऑपरेटर को ऑल इंडिया रोल आउट के लिए केवल 100 मेगाहर्ट्ज की आवश्यकता होगी। हमारा अनुमान है कि यदि टेलीकॉम कंपनियां 20 वर्षों के लिए समान वार्षिक भुगतान विकल्प का चयन करती हैं तो उनका वार्षिक नकदी देनदारी 28.4 अरब रुपए की होगी।

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सरकार के इस ऐलान में कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हम भारती और जियो के इस नीलामी में भाग लेने की उम्मीद करते हैं। संभावित मांग आपूर्ति असंतुलन और वार्षिक नीलामी को देखते हुए दूरसंचार कंपनियां इस बार मात्रा पर चूजी हो सकती हैं। 5G रोलआउट के नजरिए से Bharti Airtel ही JPMorgan की टॉप पिक है। इस स्टॉक में उसकी 870 रुपए के लक्ष्य के लिए खरीदारी की सलाह है। JPMorgan ने Bharti Airtel को ओवरवेट रेटिंग दी है।

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