ट्रेडरों और सट्टेबाजों के दूर रहने के चलते इल्लिक्विड स्टॉक (illiquid stocks) आम तौर पर ट्रेडिंग के लिए मुश्किल होते हैं। इस तरह के स्टॉक्स में आपको ऐसी काउंटर पार्टी ढूढंने में मुश्किल होती है जो सही ऑफर पर ट्रेड करने के लिए तैयार हो। इससे इस तरह के स्टॉक ज्यादा वोलेटाइल तो होते ही हैं साथ ही आप इन स्टॉक को अपने भाव पर बेचने या खरीदने में मुश्किल का सामना करते हैं। इसके अलावा इल्क्विड स्टॉक में ट्रेडिंग करने से आपका ट्रांजेक्शन लागत भी बढ़ जाता। इस तरह के निवेश में आम तौर पर हायर फिक्सड कॉस्ट चुकानी होती है। हालांकि इन परेशानियों के बावजूद इल्क्विड स्टॉक इस बीच काफी पॉपुलर होते नजर आए हैं।
