HDFC Ltd Share : भारत की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी लि. 19 अप्रैल को मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से 10 सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई। पिछले दो हफ्ते के दौरान इसके शेयर में लगभग 19 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयर में भी पिछले दो हफ्तों में लगभग इतनी ही गिरावट दर्ज की गई है। इस प्रकार एचडीएफसी ग्रुप के दोनों शेयर नौ ट्रेडिंग सेशंस में निवेशकों की लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये डुबो चुके हैं।
एचडीएफसी लि. टॉप 10 लिस्ट से बाहर
एचडीएफसी अब टॉप 10 लिस्ट से बाहर 11वें पायदान पर है। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries Ltd), टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), इंफोसिस (Infosys), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), अडानी ग्रीन्स एनर्जी (Adani Green Energy), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) शामिल हैं।
एचडीएफसी लि. के शेयर पिछले एक साल में लगभग 12.24 फीसदी टूट चुके हैं, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स में इस दौरान 20 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है।
मर्जर के ऐलान के बाद जारी है गिरावट
बैंकिंग सब्सिडियरी एचडीएफसी बैंक के साथ मर्जर के ऐलान के बाद एचडीएफसी लि. के शेयर में गिरावट बनी हुई है। 4 अप्रैल को एचडीएफसी ने ऐलान किया था कि वह एचडीएफसी बैंक के साथ अपने परिचालन का विलय कर देगी। शेयर एक्सचेंज रेश्यो के तहत एचडीएफसी लि. के 25 शेयरों के बदले में एचडीएफसी बैंक के 42 इक्विटी शेयर मिलेंगे।
विलय के ऐलान के बाद एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक दोनों के शेयरों में 10 फीसदी से ज्यादा की मजबूती दर्ज की गई थी। हालांकि, विलय से सुस्त ग्रोथ और और मार्जिन में कमी से जुड़ी चिंताओं का समाधान नहीं होने की आशंकाओं के चलते उसके बाद से लगातार शेयर में गिरावट बनी हुई है।
15 दिन में 19 फीसदी टूटा शेयर
4 अप्रैल के ऐलान के बाद एचडीएफसी के स्टॉक में लगभग 19 फीसदी गिरावट के साथ उसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 90,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो चुकी है। इसी तरह एचडीएफसी बैंक के शेयरों को भी झटका लगा है और इनवेस्टर्स इस शेयर में 1.66 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठा चुके हैं।
इन वजहों से शेयर पर है दबाव
एमके रिसर्च ने इनवेस्टर्स को भेजे एक नोट में कहा, “यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते क्रेडिट ग्रोथ में अनुमान से ज्यादा सुस्ती, सुस्त रिटेल ग्रोथ के चलते मार्जिन में कमी अहम जोखिमों में शामिल हैं। साथ ही प्रस्तावित मर्जर के लिए नियामकीय मंजूरियों में देरी की आशंकाएं हैं।”
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, निकट भविष्य में आउटलुक देनदारियों के हस्तांतरण पर निर्भर करेगा। बैंक को देनदारियों के स्ट्रक्चर में बदलाव करना होगा और निकट भविष्य के मार्जिन को समझने के लिए इससे जुड़ी फंडिंग खासी अहम होगी। अभी यह तय नहीं है कि मौजूदा स्ट्रक्चर को मंजूरी मिलेगी, क्योंकि बैंक की नॉन बैंकिंग सब्सिडियरीज में खासी ज्यादा हिस्सेदारी है।
दोपहर 1.45 बजे एचडीएफसी लि. का शेयर बीएसई पर 4.75 फीसदी कमजोर होकर लगभग 2,155 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं एचडीएफसी बैंक का शेयर लगभग 2 फीसदी कमजोर होकर 1,366 रुपये पर कारोबार कर रहा है।