Stocks in focus: आम आदमी की जिंदगी में ड्रोन के उपयोग को बढ़ाने के लिए भारत सरकार पिछले कुछ सालों से अपने ड्रोन पॉलिसी में नरमी ला रही है। अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का संबंध सिर्फ डिफेंस सेक्टर से ही नहीं है बल्कि आम आदमी के जन-जीवन में इसका दखल बढ़ता जा रहा है। एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, टूरिज्म और दूसरे क्षेत्र में ड्रोन के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। जिसको देखते हुए ड्रोन बनाने वाली कंपनियों में भारी एक्शन देखने को मिल रहा है। Adani Enterprises ने ड्रोन टेक्नोलॉजी में व्यापक संभावनाएं देखते हुए जनरल एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिडेट (General Aeronautics Private Limited) में 50 फीसदी हिस्सेदारी के लिए करार किया है। बता दें कि जनरल एयरोनॉटिक्स फसलों की सुरक्षा के लिए कमर्शियल ड्रोन आधारित सेवाएं उपलब्ध कराती है।
Adani Enterprises की तरह ही एक दूसरी कंपनी RattanIndia Enterprises ने भी भारत की लीडिंग ड्रोन बनाने वाली कंपनी Throttle Aerospace Systems Pvt Ltd (TAS) में 60 फीसदी हिस्सेदारी अधिग्रहित की है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी अब सिर्फ डिफेंस तक सीमित नहीं रह गई है। इस बात की बड़ी संभावना है कि भारत सरकार ई-कॉर्मस कंपनियों के सप्लाई चेन सिस्टम में ड्रोन के उपयोग को मंजूरी दे सकती है । जल्द ही हमें अमेजॉन और फिल्पकॉर्ट जैसी कंपनियां ड्रोन के जरिए अपने ग्राहकों तक सप्लाई करती नजर आ सकती हैं। भारतीय ड्रोन मार्केट में हाल में बढ़े एक्शन को देखते हुए बाजार जानकार 5 ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के स्टॉक पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। इनमें Zen Tech, Paras Defense, BEL, DCM Shriram और RattanIndia Enterprises के नाम शामिल हैं।
Profitmart Securities के अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि जुलाई 2021 में उदार ड्रोन पॉलिसी आने के बाद भारत के ड्रोन मार्केट में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। ड्रोन टेक्नोल़ॉजी डिफेंस से बाहर निकलकर एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, टूरिज्म, मीडिया और दूसरे इंडस्ट्रीज में अपने पैर फैला रही है। उन्होंने आगे कहा कि Adani Enterprises जैसी कंपनी भी अब ड्रोन जैसे बिजनेस में कदम रखने जा रही है। ऐसे में किसी निवेशक के पोर्टफोलियो में ड्रोन बनाने वाली कंपनी के स्टॉक की अहमियत बढ़ जाती है।
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