मुश्किल में फंसी स्टार्टअप्स कर रहीं छंटनी, धीमी हुई फंडिंग की रफ्तार

2021 के हाई के बाद भारतिय स्टार्टअप इकोसिस्टम में कोर्स करेक्शन के संकेत दिख रहें हैं, भारत ही नहीं बल्की दुनिया की ज्यादातर टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स थोड़े मुश्किल दौर से गुजर रहें हैं

अपडेटेड May 28, 2022 पर 1:37 PM
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2021 के चौथी तिमाही में देश में 10 अरब डॉलर की फंडिंग हुई , ये आंकड़ा 2022 के पहली तिमाही में 8 बिलियन डॉलर रहा और दूसरी तिमाही में 3.6 अरब डॉलर तक सिमट गया है

ऑनलाइन डिलिवरी, एजुकेशन हो या ऑटो स्टार्टअप स्पेस के सभी सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर छंटनी का दौर जारी है, यूनिकॉर्न की रेस में दौड़ने वाले स्टार्टअप भी एंप्लॉई कॉस्ट घटाने के रास्ते पर उतर चुके हैं। फंडिंग के हालात भी बिगड़ रहे हैं, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में क्या है ताजा हालात आइए डालते हैं एक नजर।

2021 के हाई के बाद भारतिय स्टार्टअप इकोसिस्टम में कोर्स करेक्शन के संकेत दिख रहें हैं, भारत ही नहीं बल्की दुनिया की ज्यादातर टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स थोड़े मुश्किल दौर से गुजर रहें हैं। अब इसके कारण कई है शुरूआत रूस-यूक्रेन युद्ध से हुई हो लेकिन अब बढते ब्याज दरों और ग्लोबल इंफ्लेशन रंग में भंग डाल रहें हैं। सच्चाई ये है की भारत के कई स्टार्टअप बडे पैमाने पर कास्ट कम कर रहें हैं और छंटनी पर उतर आए हैं।

अब तक तकरीबन 5000 कर्मचारी नौकरी से हाथ धो बैठे हैं, blinkit ने 1600 , Unacademy ने 1000 कर्मचारी तो , Vedantu ने 624, M Fine,cars24,tRell,Lido इन कंपनियों ने 600 से 200 लोगों की छंटनी की है। डर है की आगे ये सिलसिला जारी रहेगा। 2021 में भारत 42 बिलियन डॉलर की फंडिंग आने के बाद अब पैसे की धार भी धिमी हो रही हैं।


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2021 के चौथी तिमाही में देश में 10 अरब डॉलर की फंडिंग हुई , ये आंकड़ा 2022 के पहली तिमाही में 8 बिलियन डॉलर रहा और दूसरी तिमाही में 3.6 अरब डॉलर तक सिमट गया है। यहीं नहीं भारत में बडें पैमाने पर निवेश करने वाले वेंचर फंड भी अपनी कंपनीयों को आगाह कर रहें की बुरे दौर के लिए तैयार रहें टाइगर ग्लोबल (Tiger Global)ने साफ कह दिया हैं की वो अपने निवेश की गती कम करेंगे। वहीं वायकॉम्बिनेटर (YCombinator) ने अपनी इनवेस्टी (investee)कंपनियों को कह दिया है की वो खर्च कम करने पर फोकस करें।

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