कंसाई नेरोलैक (Kansai Nerolac) के शेयर में बुधवार को इंट्रा-डे ट्रेड में बीएसई पर गिरावट देखने को मिली। वित्त वर्ष 2022 की मार्च तिमाही (Q4FY22) के लिए कंपनी के शुद्ध मुनाफे में तेज गिरावट की रिपोर्ट के बाद के शेयरों ने 52-हफ्ते के निचले स्तर 403 रुपये का स्तर छुआ। सुस्त बिक्री और कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत के कारण इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 80.9 प्रतिशत घटकर 24.5 करोड़ रुपये रह गया।
ऑपरेंशंस से कंपनी की शुद्ध आय सालाना 4.2 प्रतिशत बढ़कर 1,413 करोड़ हो गई। कंपनी का ebitda सालाना आधार पर 60 प्रतिशत घटकर 82.9 करोड़ रुपये हो गया। जबकि इसकी ebitda मार्जिन 15.37 प्रतिशत से 1,000 बीपीएस घटकर 5.4 प्रतिशत हो गई।
प्रबंधन ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही के अंत में कीमतों में तेज वृद्धि के कारण डेकोरेटिव बिजनेस की डिमांड में चौथी तिमाही में असर पड़ा। वहीं ऑटोमोटिव सेगमेंट में यात्री वाहनों की डिमांड अच्छी रही, हालांकि सप्लाई की दिक्कतों के कारण इस पर भी असर पड़ा।
वहीं वैश्विक स्तर पर कठिन भू-राजनीतिक परिस्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतों और एक्सचेंच रेट्स में अस्थिरता देखने को मिली। कच्चे माल की कीमतों के साथ-साथ चौथी तिमाही में महंगाई के दबाव का भी सामना करना पड़ा।
कंपनी के मैनजमेंट ने कहा कि कुल मिलाकर डिमांड अच्छी रहने की उम्मीद है। कंपनी पॉजिटिव नजरिये के साथ और बेहतर करने के लिए तैयार है। वित्त वर्ष 2021-22 में की गई कीमतों में वृद्धि आने वाले वर्ष में दिखेगी। प्रबंधन ने आगे कहा कि कंपनी औद्योगिक सेक्टर में मूल्य वृद्धि ज्यादा करने की कोशिश करेगी।
बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार पेंट उद्योग पर अपना नजरिया पेश करते हुए मैनेजमेंट ने कहा कि बुनियादी ढांचे, कोर सेक्टर के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट में अच्छी ग्रोथ के चलते से लंबे समय में पेंट उद्योग कुल डिमांड पॉजिटिव रहने की संभावना है।
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