मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ से देश में ग्रोथ रफ्तार बढ़ेगी। ग्रोथ के लिए प्राइवेट सेक्टर पर भरोसा करना जरूरी है। लोग 70 साल के तजु्र्बे से अब भी नहीं सीखे हैं। अब तक सिर्फ पब्लिक सेक्टर से किसी को भी ग्रोथ नहीं मिली है। इसलिए प्राइवेट सेक्टर को ग्रोथ का मौका देना होगा। आरसी भार्गव ने सीएनबीसी-आवाज़ के नो योर कंपनी सेगमेंट में कंपनी और ग्रोथ को लेकर अपनी बेबाक राय रखी।
पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख संपादित अंशः
प्राइवेट सेक्टर पर भरोसे से बढ़ेगी ग्रोथ
आरसी भार्गव ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर पर भरोसे से ग्रोथ बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्राइवेट सेक्टर को लेकर सरकार का नजरिया बदला है। देश के PM नरेंद्र मोदी ने प्राइवेट सेक्टर पर पूरा भरोसा जताया है। मेरा मानना है कि प्राइवेट सेक्टर को लेकर PM का विजन शानदार है। हालांकि राजनीतिक तंत्र में प्राइवेट सेक्टर पर अब भी आम राय नहीं है।
वर्तमान में ऑटो सेक्टर की चुनौतियां के बारे में बोलते हुए भार्गव ने कहा कि इसमें एमिशन घटाने और सेफ्टी बढाने पर ध्यान देना चाहिए। हर इंडस्ट्री के सामने अलग-अलग किस्म की चुनौतियां होती हैं। मुझे लगता है ऑटो इंडस्ट्री को एमिशन और सेफ्टी पर ध्यान देना है। कार्बन उत्सर्जन कम करने में कार इंडस्ट्री की भूमिका अहम हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का ग्रीन एनर्जी बेस्ड गाड़ियां बनाने पर जोर है। हम अब EV, एथेनॉल, CNG जैसी तकनीक अपना रहे हैं। लेकिन हमें नई तकनीक के साथ-साथ कार की अफोर्डेबिलिटी का भी ख्याल रखना है। हमारा मानना है कि कोई भी नई तकनीक ऐसी होनी चाहिए, जिसे लोग आसानी से अपना सके।
ईवी सेगमेंट में पदार्पण के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम भी इस सेगमेंट में उतरने पर ध्यान दे रहे हैं। हमारी बाजार पर नजरें बनी हुई हैं। जल्द ही आपको मारुति का EV अवतार देखने को मिलेगा। अब मारुति भी इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार में लाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजनेस के लिहाज से हर सेगमेंट के कस्टमर की जरूरतों पर ध्यान देना जरूरी होता है।
EV की मौजूदा तकनीक काफी महंगी, पैसे वाले लोग ही खरीद पाएंगे EV कार
EV और कार्बन फुट प्रिंट पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आरसी भार्गव ने कहा कि EV की मौजूदा तकनीक काफी महंगी है। इसकी वजह से सिर्फ पैसे वाले लोग ही EV कार खरीद पाएंगे। हमारी तरफ से प्रीमियम सेगमेंट के लिए 2 साल में EV कार आ जाएगी। इसके साथ ही EV की सस्ती टेक्नोलॉजी पर भी काम जारी है। इससे आगे कम आमदनी वाले भी EV गाड़ी खरीद पाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि देश में EV इंफ्रा बनाने की जरुरत है। इसलिए कोल बेस्ड एनर्जी से क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ना जरूरी हो गया है। इस समय देश में हो रहा 70-75% बिजली का उत्पादन कोल बेस्ड है। EV के जरिए कार्बन फुटप्रिंट घटाने पर फोकस होना चाहिए।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)