फार्मेसी रिटेल चेन मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज लि. (Medplus Health Services) के आईपीओ (IPO) के रूप में सोमवार को निवेश का एक अच्छा मौका मिलने जा रहा है। यह आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए आज 13 दिसंबर को खुलेगा, जो 15 दिसंबर को बंद हो जाएगा। कंपनी ने अपनी 1,398 रुपये की शुरुआती शेयर सेल के लिए 780-796 रुपये का प्राइस बैंड तय कर दिया है। इस आईपीओ में 600 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर और प्रमोटर व मौजूदा शेयरधारकों के 798 करोड़ रुपये के शेयरे ऑफर फॉर सेल (OFS) में बेचे जाएंगे। फ्रेश इश्यू से जुटाए फंड का इस्तेमाल कंपनी की सब्सिडियरी आप्टिवल की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस ने Medplus Health Services के IPO को खरीदने की सलाह दी है। कुल रिटेल फार्मेसी में ऑर्गेनाइज्ड रिटेल फार्मेसी की हिस्सेदारी अभी सिर्फ 10% है। लिहाजा कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं को देखते हुए इसमें निवेश की सलाह है। इसके साथ ही मजबूत ओमनी-चैनल प्रपोजिशन से भी कंपनी को फायदा होगा। इसमें हाई डेनसिटी स्टोर नेटवर्क और हाइपर लोकल डिलीवरी मॉडल शामिल है।
आदित्य बिड़ला कैपिटल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, 'Medplus Health Services का इश्यू प्राइस 780-796 रुपए है। मौजूदा शेयर प्राइस के आधार पर कंपनी का EV/EBITDA 40X है।' इसके साथ ही ब्रोकरेज हाउस ने कहा है कि नियर टर्म में लोग अनऑर्गेनाइज्ड से ऑर्गेनाइज्ड मेडिकल सेक्टर की तरफ जाएंगे जिसका फायदा भी कंपनी को होगा। आदित्य बिड़ला की रिपोर्ट के मुताबिक, Medplus Health के शेयरों में लॉन्ग टर्म के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं। ET के मुताबिक, MedPlus का कारोबार बड़ा और प्रोडक्ट मिक्स है। जिसकी वजह से निवेशकों को इससे बेहतर वैल्यू हासिल हो सकती है।
ब्रोकरेज फर्म ने इस कंपनी से जुड़े एक जोखिम की भी चर्चा की है। इसके मुताबिक, सरकार की अगर दवाओं की कीमतों पर कैप लगा देती है तो कंपनी को कुछ हद तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। आदित्य बिड़ला ने कहा है कि जो निवेशक ज्यादा जोखिम लेने की हालत में है तो Medplus Health Services के IPO में निवेश कर सकते हैं।
भारत की दूसरी बड़ी फार्मेसी रिटेलर है कंपनी
गंगादि मधुकर रेड्डी ने वर्ष 2006 में मेडप्लस की स्थापना की थी, जो कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं। मेडप्लस वित्त वर्ष 21 में ऑपरेशन से रेवेन्यू और मार्च, 2021 तक स्टोर्स की संख्या के आधार पर भारत की दूसरी सबसे बड़ी फार्मेसी रिटेलर है। यह फार्मास्युटिकल और वेलनेस प्रोडक्ट्स व होम और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स जैसे एफएमसीजी गुड्स सहित कई तरह के प्रोडक्ट्स की पेशकश करती है। प्रमोटर्स गंगादि मधुकर रेड्डी, एजाइलमेड इनवेस्टमेंट्स और लोन फुरो इनवेस्टमेंट्स के पास कंपनी की 43.16 फीसदी हिस्सेदारी है।
सेल्स और नए स्टोर्स की बढ़ती संख्या पर निर्भर है ग्रोथ
हाल में रिपोर्टर्स से बातचीत करते हुए, रेड्डी ने कहा था कि कंपनी ग्रोथ उसकी सेल्स और हर साल जुड़ने वाले स्टोर्स की संख्या पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “कोविड के बावजूद बीते साल हमने 350 स्टोर जोड़े थे और इस साल कोविड की दूसरे लहर में दो महीने के लॉकडाउन के बावजूद पहली छमाही में हमने 350 स्टोर जोड़े थे, जिसका मतलब है कि हम इस साल 700 नए स्टोर जोड़ लेंगे।” रेड्डी ने कहा कि रिटेल चेन प्राइवेट लेबल गुड्स से बिक्री बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
तेजी से बढ़ा है कंपनी का प्रॉफिट
मेडप्लस ने वित्त वर्ष 2021 में 63.11 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि वित्त वर्ष 2020 में यह महज 1.79 करोड़ रुपये था। इस अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 2,870.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,069.26 करोड़ रुपये हो गया है। इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल, क्रेडिट सुइस सिक्योरिटीज (इंडिया), एडलवीस फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) लीड मैनेजर हैं।