Reliance Industries : रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2021-22 में 2.32 लाख लोगों को जॉब दी, जिससे उसकी कुल वर्कफोर्स बढ़कर 3.43 लाख तक पहुंच गई। कंपनी की एकीकृत सालाना रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
Reliance Industries : रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2021-22 में 2.32 लाख लोगों को जॉब दी, जिससे उसकी कुल वर्कफोर्स बढ़कर 3.43 लाख तक पहुंच गई। कंपनी की एकीकृत सालाना रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
रिलायंस की टेलिकॉम आर्म जियो ने शीर्ष 1,000 शहरों के लिए अपनी 5जी कवरेज (5G coverage) स्ट्रैटजी को पूरा कर लिया है, जिससे 100 फीसदी स्वदेशी टेक्नोलॉजी शामिल है। जियो भारत की सबसे बड़ी डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म है।
चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने शेयरहोल्डर्स को भेजे एक संदेश में कहा, रिलायंस को उम्मीद है कि उसका ग्रीन पावर सेगमेंट कंपनी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में सामने आएगा, जो अगले 5-7 साल में दूसरे बिजनेस को पीछे छोड़ने की स्थिति में पहुंच जाएगा।
अंबानी ने कहा, टेलीकॉम से एनर्जी सेक्टर से जुड़ी 17.45 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी ने 2021-22 में रिटेल, टेलीकॉम, एनर्जी और डिजिटल बिजनेस में खासे प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा, डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और ऑयल टू केमिकल्स (O2C) उसके तीन “अत्यधिक सक्रिय और बेहद क्षमतावान ग्रोथ इंजन हैं।”
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना रिपोर्ट, 2021-22 की सेक्टरवार मुख्य बातें इस प्रकार हैं-
कॉर्पोरेट
-रिलायंस सरकार के खजाने में सबसे ज्यादा योगदान करने वाली कंपनियों में से एक है। रिलायंस का वित्त वर्ष 22 में सरकारी खजाने में योगदान 38.8 फीसदी बढ़कर 1,88,012 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
-रिलायंस ग्रुप ने वित्त वर्ष 2021-22 में 2.32 लाख लोगों को जॉब दे। इसमें से 1,68,910 जॉब रिटेल में, वहीं 57,883 जियो में दिए गए।
- रिलायंस ने वित्त वर्ष 22 में 47 फीसदी ग्रोथ के साथ 7,92,756 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 26.2 फीसदी ग्रोथ के साथ 67,845 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया।
-रिलायंस इंडस्ट्रीज वित्त वर्ष 22 में सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा रेवेन्यू वाली देश की पहली कंपनी बन गई।
टेलीकॉम
-मार्च के अंत तक जियो के मोबिलिटी और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या 41.02 करोड़ थी। जून के अंत तक यह संख्या बढ़कर 41.99 करोड़ हो गई।
-किसी एक देश में सब्सक्राइबर के लिहाज से जियो सबसे बड़ी कंपनी है और चीन को छोड़कर वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा डाटा वॉल्यूम सर्विस देती है।
-जियो 5जी कवरेज शीर्ष 1,000 शहरों में पूरा हो गया है।
ऑयल टू केमिकल्स (O2C)
-सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह टिकाऊ सामग्रियों की पेशकश के लिए, रिलायंस ने एक बायो डिग्रेडेबिल और कम्पोस्टेबल पॉलिमर Polybutylene adipate terephthalate (PBAT) विकसित किया है।
-भारत के ईवी की ओर शिफ्ट होने को देखते हुए, जियो-बीपी ने अपना जियो-बीपी पल्स चार्ज ऐप विकसित किया है और प्राइमरी कस्टमर के रूप में ब्लूस्मार्ट के साथ मिलकर दिल्ली एनसीआर में भारत के दो सबसे बड़े चार्जिंग हब्स (85 प्लस और 120 प्लस चार्जिंग प्वाइंट्स) स्थापित किए हैं।
ग्रीन एनर्जी
-वित्त वर्ष 21-22 में रिलायंस की स्कोप1 और 2 जीएचजी इमिशंस 1.64 फीसदी घटकर 45.15 रह गया। कुल रिन्युएबिल एनर्जी की खपत सालाना आधार पर 351 फीसदी बढ़ गई।
-रिलायंस ने वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में ईएंडपी और ओ2सी साइट्स में 16 फीसदी की कटौती हासिल की है। समूह का लक्ष्य 2035 तक नेट कार्बन जीरो की स्थिति हासिल करना है।
-वित्त वर्ष 22 के दौरान रिलायंस ने न्यू एनर्जी में क्षमताएं विकसित करने के लिए 5,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के अधिग्रहण और निवेश पूरे किए हैं।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
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