Sensex Crash : इन 5 वजहों से बाजार में आई भारी गिरावट, आधे घंटे में निवेशकों के डूबे 4 लाख करोड़

कुछ समय के लिए बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) ने 54,000 का स्तर तोड़ दिया, वहीं निफ्टी रिकवरी से पहले 16,150 के स्तर पर आ गया

अपडेटेड May 09, 2022 पर 6:45 PM
शुरुआती 30 मिनट के दौरान आई भारी गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड सभी स्टॉक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalisation) 3.74 लाख करोड़ रुपये घटकर 255.17 लाख करोड़ रुपये रह गया

Stock Market : सोमवार को घरेलू स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट के साथ इनवेस्टर्स की वेल्थ में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये की कमी देखने को मिली। कुछ समय के लिए बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) ने 54,000 का स्तर तोड़ दिया, वहीं निफ्टी रिकवरी से पहले 16,150 के स्तर पर आ गया था।

शुरुआती 30 मिनट के दौरान आई भारी गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड सभी स्टॉक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalisation) 3.74 लाख करोड़ रुपये घटकर 255.17 लाख करोड़ रुपये रह गया।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हम यहां बाजार में गिरावट के लिए जिम्मेदार कुछ अहम फैक्टर्स के बारे में बता रहे हैं...


1. रिकॉर्ड लो पर पहुंचा रुपया

Rupee at record low : मजबूत यूएस जॉब्स डाटा (US jobs data) और फेड के आक्रामक रूप से दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के चलते इमर्जिंग मार्केट करेंसीज की तुलना में डॉलर में मजबूती देखने को मिली और रुपया भी अपवाद नहीं रहा। रुपया शुरुआती कारोबार में बड़ी कमजोरी के साथ 77.1325 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ, घरेलू करेंसी ने अपने 7 मार्च के पिछले रिकॉर्ड लो 76.98 प्रति डॉलर के स्तर को पीछे छोड़ दिया।

2. एफपीआई की बिकवाली

FPI outflows : जहां तक एफपीआई आउटफ्लो की बात है तो रुपये में कमजोरी और अच्छी वैल्यूएशंस भारत के लिए अच्छा संकेत नहीं है। डाटा से पता चलता है फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स ने इस महीने में अभी तक 6,417 करोड़ रुपये निकाले हैं और 2022 में अभी तक 1,33,579 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। रुपये में कमजोरी से एफपीआई के इक्विटी रिटर्न में कमी आती है। वहीं अच्छी वैल्यूएशन होने के कारण भी मदद नहीं मिल रही है। जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “गिरावट के बावजूद वित्त वर्ष 23 की संभावित अर्निंग्स की तुलना में निफ्टी50 (Nifty50) 19 गुने पर कारोबार कर रहा है। यह 16 गुने के दीर्घकालिक औसत से ज्यादा है। निश्चित रूप से यह खरीद लायक वैल्यूएशन नहीं है।”

राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में शामिल 100 रुपए से सस्ते इस स्टॉक पर आनंद राठी को भी है भरोसा, क्या है आपके पास?

3. यूएस जॉब्स का अच्छा डाटा

US jobs data : शुक्रवार को जारी गैर कृषि पेरोल्स से जुड़े डाटा से पता चलता है कि अप्रैल में नौकरियों में 4,28,000 की बढ़ोतरी रही। पहली तिमाही के दौरान जीडीपी में कमजोरी के बावजूद जॉब्स डाटा में सुधार से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का पता चलता है। इससे आशंकाएं बढ़ गई हैं कि यूएस फेड (US Fed) महंगाई के काबू में आने तक आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाना जारी रख सकता है।

4. अमेरिकी और एशियाई बाजार

गुरुवार की तरह शुक्रवार को भी अमेरिकी स्टॉक मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। खराब सेंटीमेंट से एशियाई बाजारों पर दबाव बढ़ गया। ज्यादातर एशियाई बाजारों में 2.5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। जापान के निक्केई इंडेक्स (Nikkei index) में 2.3 फीसदी की कमजोरी रही। थाईलैंड और कोरिया के बाजारों में 1.7 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली। ऑस्ट्रेलिया में 1.8 फीसदी की गिरावट रही। वहीं हॉन्गकॉन्ग और चीन के बाजार छुट्टी के चलते बंद रहे।

Tata Power का शेयर 7% गिरावट के साथ दो महीने के निचले स्तर पर, जानिए ब्रोकरेज फर्मों की राय

5. टेक्निकल कमजोरी

निफ्टी50 ने शुक्रवार को डेली चार्ट पर डोजी कैंडिल बनाया। वहीं वीकली चार्ट में  चौथे हफ्ते इंडेक्स ने बियरिश कैंडिल बनाया, जिससे बाजार पर मंदड़ियों के हावी होने के संकेत मिलते हैं। इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेस से नीचे ट्रेड कर रहा था। एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार में मुश्किलें बनी हुई हैं और निकट भविष्य में राहत की संभावना नहीं है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।