Ujjivan Financial के शेयर में 10% की दमदार रैली, आगे कैसी रहेगी चाल?

एनालिस्ट्स के मुताबिक, कोविड के दौर में उसके एनपीए में बढ़ोतरी हुई थी, जिससे वित्त वर्ष 22 में 415 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, अब सबसे खराब दौर बीत चुका है और हालात में सुधार हो रहा है

अपडेटेड Aug 24, 2022 पर 1:50 PM
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कोविड के दौर में आर्थिक परिदृश्य प्रभावित होने से उज्जीवन फाइनेंशियल के प्रदर्शन को खासा झटका लगा था

Ujjivan Financial Services Shares : उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज (UFSL) के शेयर बुधवार, 24 अगस्त को बीएसई पर इंट्राडे में 10 फीसदी से ज्यादा की रैली के साथ 203.45 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो उसका 52 हफ्ते का हाई है। नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) का पिछला हाई 191.80 रुपये था, जो उसने नवंबर, 2021 को छूआ था। शेयर का ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने लगभग दो सप्ताह के एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम से लगभग दोगुना बना हुआ है।

6 महीने में दिया 102 फीसदी रिटर्न

वहीं पिछले छह महीने में उज्जीवन फाइनेंशियल का शेयर 102 फीसदी का दमदार रिटर्न दे चुकाहै, जबकि एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स ने इस दौरान 8 फीसदी रिटर्न दिया है। इससे पहले शेयर ने 28 जुलाई, 2016 को 547 रुपये का अपना रिकॉर्ड हाई छूआ था।


UFSL 83.32 फीसदी हिस्सेदारी के साथ उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लि. (Ujjivan SFB) की होल्डिंग कंपनी है। बैंकिंग लाइसेंस की शर्तों के तहत UFSL ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाई है, जिसने 1 फरवरी, 2017 को अपना बैंकिंग ऑपरेशन शुरू किया था।

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रिवर्स मर्जर की है तैयारी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का मानना है कि वक्त के साथ होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट खत्म हो जाएगा, क्योंकि कंपनी पहले ही ऐलान कर चुकी है कि वह खुद को Ujjivan SFB के साथ रिवर्स मर्ज करना चाहती है। Ujjivan SFB मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स के अनुपालन के लिए इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर्स से 600 करोड़ रुपये की नई पूंजी जुटाने पर विचार कर रही है। इसके बाद बैंक मर्जर स्कीम के लिए रेगुलेटर से संपर्क करेगी।

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कोविड ने दिया था झटका

कोविड के दौर में आर्थिक परिदृश्य प्रभावित होने से उज्जीवन के प्रदर्शन को खासा झटका लगा था। उसके एनपीए में बढ़ोतरी हुई थी, जिससे वित्त वर्ष 22 में 415 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, ब्रोकरेज के एनालिस्ट्स का मानना है कि सबसे खराब दौर बीत चुका है और हालात में सुधार शुरू हो चुका है।

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