VEDANTA के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा "2 सालों में 4000 टन निकेल का उत्पादन करेगी कंपनी"-CNBC-AWAAZ EXCLUSIVE

Vedanta ऑप्टिकल फाइबर बनाने वाली देश की सबसे बड़ी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है

अपडेटेड Mar 21, 2022 पर 6:49 PM
Story continues below Advertisement
Vedanta के चेरयमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में कमोडिटी की कीमतें घटने की संभावना कम है

वेदांता के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। इस साल का डिविडेंड पिछले साल के डिविडेंड से भी ज्यादा होगा। CNBC-AWAAZ के साथ EXCLUSIVE INTERVIEW में VEDANTA कंपनी के CHAIRMAN ANIL AGARWAL ने कहा कि वे भारत में निकेल के इकलौते उत्पादक बनेंगे। 3 साल में 4 अरब डॉलर का कर्ज उतारेंगे। इसके अलावा कंपनी का फोकस आगे सेमिकंडक्टर और निकेल पर बना रहेगा। पेश है अनिल अग्रवाल से बातचीत के संपादित अंशः

कमोडिटी की कीमतों में 10-15% का और इजाफा हो सकता है

वर्तमान में जारी जियो पॉलिटिकल टेंशन पर बोलते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि जियो पॉलिटिकल टेंशन का ग्लोबल बाजार पर असर हुआ। इसकी वजह से कमोडिटी की कीमतें में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कमोडिटी की कीमतें बढ़ना भारत के लिए चिंता की बात है। इसके आगे कीमतों में 10-15% का और इजाफा हो सकता है। आने वाले दिनों में कीमतें घटने की उम्मीद कम है।


उन्होंने आगे कहा कि भारत जरूरत की ज्यादातर चीजें इंपोर्ट करता है। हालांकि भारत में हर चीज खुद निर्माण करने की क्षमता है इसलिए अब भारत का आत्मनिर्भर होना जरूरत बन गया है।

इस हफ्ते लाल निशान में शुरू हुआ बाजार, इन 4 फैक्टर्स ने पिछले हफ्ते की मार्केट रैली पर लगाया ब्रेक

कंपनी 2 सालों में 4000 टन निकेल का उत्पादन करेगी

निकेल उत्पादन पर चर्चा करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि देश में निकेल का डिपॉजिट काफी अच्छा है। देश में निकेल का एक्सप्लोरेशन नहीं है। एक्सप्लोरेशन की नीतियां आसान रखने की जरूरत है। नीतियां आसान होने से कई स्टार्टअप सामने आएंगे। इसमें पिछले 10 सालों में 2% से ज्यादा एक्सप्लोरेशन नहीं हुआ है। हमारी कंपनी 2 सालों में 4000 टन निकेल का उत्पादन करेगी।

देश में आज भी 500 माइनें बंद हैं

मेटल्स की आवश्यकता पर अग्रवाल ने कहा कि रीन्यूएबल एनर्जी, EV में मेटल्स की भारी जरूरत है। बेस मेटल्स की मांग आगे भी बनी रहेगी। देश में बेस मेटल्स का एक्सप्लोरेशन बढ़ाना जरूरी है। सरकार को एक्सप्लोरेशन के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इस समय देश में आज भी 500 माइनें बंद हैं। इन्हे जल्द शुरू करने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए।

देश में इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने की जरूरत है।

Suzuki Motor की EVs, बैटरी में 1.4 अरब डॉलर के लिए निवेश की योजना, Maruti Suzuki के स्टॉक में आया उछाल

ऑप्टिकल फाइबर बनाने वाली देश की सबसे बड़ी और दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी

अनिल अग्रवाल ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनकी कंपनी ऑप्टिकल फाइबर निर्माण में देश की सबसे बड़ी है। इसके अलावा ऑप्टिकल फाइबर निर्माण में दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए Foxconn के साथ करार किया। इसके लिए पहले चरण में 200 करोड़ डॉलर का निवेश होगा। इतना ही नहीं अगले 2 साल में सेमीकंडक्टर बनना शुरू हो जाएगा।

अब 100% इलेक्ट्रॉनिक्स इंपोर्ट होता है

देश में इंपोर्ट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में पहले 65% इलेक्ट्रॉनिक्स का इंपोर्ट किया जाता है। लेकिन अब भारत 100% इलेक्ट्रॉनिक्स का इंपोर्ट करता है। इसलिए हमारा मानना है कि

इलेक्ट्रॉनिक्स की बंद पड़ी कंपनियों को दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। फिलहाल देश में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने के लिए कच्चे माल की कमी भी है।

शेयर बाजार का कमाई वाला खेल जिसमें खिलाड़ी करेंगे मुकाबला और आपकी होगी कमाई

3 सालों में 400 करोड़ डॉलर का कर्ज कम करने की है योजना

वेदांता के चेयरमैन ने कंपनी पर कर्ज की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि कंपनी के ऊपर 1250 करोड़ डॉलर का कर्ज है। कंपनी की योजना है कि वे 3 सालों में 400 करोड़ डॉलर का कर्ज कम करेंगे। अब अफ्रीका में कॉपर की माइन शुरू होने वाली है। कंपनी का मुनाफा आने वाले समय में और बढ़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी कंपनी ने पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा डिविडेंड दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि अब तक मौजूदा वित्त वर्ष में 16000 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया है। इस समय कंपनी कर्ज घटाने पर फोकस कर रही है। इतना ही नहीं पिछले 5 सालों में कंपनी ने 3.5 लाख करोड़ रुपये का टैक्स दिया है। लेकिन हमारा मानना है कारोबार और इकोनॉमी में तेजी लाने के लिए सरकार को क्लीयरेंस की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।

 

 

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।