इस हफ्ते लाल निशान में शुरू हुआ बाजार, इन 4 फैक्टर्स ने पिछले हफ्ते की मार्केट रैली पर लगाया ब्रेक
20 मार्च को ऑस्ट्रेलिया ने मास्को को alumina और aluminum ores के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है
MoneyControl News
अपडेटेड Mar 21, 2022 पर 5:26 PM
बैंकिंग और फाइनेंशियल्स, एफएमसीजी और आईटी शेयरों में पिछले हफ्ते की तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते बिकवाली का दबाव देखा गया
भारतीय बाजार 21 मार्च को लगभग एक प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले सप्ताह में 4 प्रतिशत की रैली के बाद काफी हद तक इसकी उम्मीद की गई थी। आज बाजार बंद होने के समय करीब 571 अंक या 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ सेंसेक्स (Sensex) 57,292 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी (Nifty) 169 या 0.98 प्रतिशत गिरकर 17,118 पर बंद हुआ।
बाजार को नीचे खींच रहे हैं ये 4 फैक्टर्स
1 रूस - यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War)
रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर आगे बढ़ना जारी रखे हुए है। यूक्रेनियन और उनके सैन्य बल के मजबूत प्रतिरोध के सामने रूसी सेना आक्रामक रूप से यूक्रेन के शहरों पर गोलाबारी कर रही है। ये परिस्थिति ये दर्शाती है कि युद्ध जल्द ही समाप्त होने की संभावना नहीं रही। दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच दुनिया के कई देशों ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा करना जारी रखा है। 20 मार्च को ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मास्को को एल्यूमिना (alumina) और एल्यूमीनियम अयस्कों (aluminum ores) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार रहा। यहां पर कारोबारियों ने यूक्रेन-रूस युद्ध का बारीकी से मॉनिटर किया। हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) क्रमश: 0.89 प्रतिशत और 0.77 प्रतिशत नीचे रहे, जबकि जापान का निक्केई (Nikkei) 0.65 प्रतिशत चढ़ा।
यूरोपीय बाजारों में भी फ्रांस के सीएसी (CAC) और ब्रिटेन के एफटीएसई (FTSE) में मिला जुला कारोबार हुआ। जर्मनी का DAX मामूली रूप से कमजोर रहा।
3 तेल का भाव (Oil prices)
यूक्रेन और रूस के अधिकारियों के बीच वार्ता के सकारात्मक नतीजे नहीं आने के बाद टाइट सप्लाई के डर से कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आया।
मार्च के उच्च स्तर से लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट के बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर वोलाटाइल बना हुआ है। ब्रेंट 112.3 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो 19 मार्च के बंद भाव के मुकाबले 4% अधिक था।
भारत में बल्क-यूजर्स के लिए डीजल की कीमत में लगभग 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय तेल के भाव में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं पेट्रोल पंपों पर रिटेल दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बैंकिंग और फाइनेंशियल्स, एफएमसीजी और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। इन शेयरों में पिछले हफ्तों में तेजी आई है और आज इनमें मुनाफावसूली देखी गई।
निफ्टी बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और एफएमसीजी इंडेक्सेस में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि आईटी इंडेक्स में मामूली गिरावट देखने को मिली। हालांकि मेटल इंडेक्स इसके विपरीत 1.5 प्रतिशत चढ़ा।
Angel One के समीत चव्हाण ने कहा कि पिछले गुरूवार को शानदार मूव दिखाते हुए बुल्स ने 16,800-17,000 के मजबूत अवरोध को पार कर लिया। ये लेवल अब निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट के रूप में काम करेगा।
वहीं दूसरी तरफ यदि इसमें तेजी बनी रही तो निफ्टी पर 17500 और उसके बाद 17650 के स्तर भी देखने को मिल सकते हैं।
समीत ने आगे कहा कि फिर भी इंडेक्स उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ सकता है जितना पिछले पांच-छह सत्रों में बढ़ा था। उन्होंने कहा कि इस हफ्ते मुनाफावसूली हो सकती है जिसकी वजह से कुछ कंसोलिडेशन या हल्की रस्साकशी देखने को मिल सकती है।
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