Vedanta Ltd : गुजरात में फॉक्सकॉन के साथ मिलकर गुजरात में एक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (semiconductor manufacturing plant) लगाने और दो साल के भीतर मार्केट में इसके प्रोडक्ट्स आने के ऐलान के बाद 14 सितंबर को वेदांता लि. के शेयरों में 10 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया।
इस साल फरवरी में हुए ऐलान पर गौर करें तो उस समय Foxconn-Vedanta ज्वाइंट वेंचर का प्रस्ताव रखा गया था। कंपनी ने उस समय स्पष्ट कर दिया था कि सेमीकंडक्टर बिजनेस उसकी होल्डिंग कंपनी Vedanta Resources के अधीन चलाया जाएगा।
फिर क्यों आई वेदांता लि. में 10 फीसदी की रैली
16 फरवरी की एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया था, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का प्रस्तावित बिजनेस वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के तहत नहीं है और हम समझते हैं कि यह होल्डिंग कंपनी के अधीन होगा।
फिर, Vedanta Ltd में रैली कैसे वाजिब हो सकती है? अब कंपनी की वेबसाइट की 13 सितंबर की रिलीज देखिए, जिसमें कहा गया, “वेदांता के पास जेवी की 60 फीसदी हिस्सेदारी होगी, वहीं फॉक्सकॉन के पास 40 फीसदी होगी। जेवी अगले दो साल में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना देखेगी।”
यह स्पष्ट रूप से फरवरी के एक्सचेंज नोटिस के बिल्कुल विपरीत है।
अनिल अग्रवाल ने और बढ़ाया कंफ्यूजन
ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सीएनबीसी टीवी-18 को दिए एक इंटरव्यू में यह कहकर भ्रम की स्थिति को और बढ़ा दिया कि जेवी के लिए फंडिंग लिस्टेड एंटिटी से होने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वेदांता महाराष्ट्र में आईफोन का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर भी विचार कर रही है। फिर सवाल उठता है, क्या यह वेदांता लि. का है या वेदांता रिसोर्सेज का?
बीएसई और एनएसई ने मांगा स्पष्टीकरण
एक्सचेंजेस भी भ्रम में हैं। बीएसई और एनएसई ने कंपनी से इन दोनों घटनाक्रमों- गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट और महाराष्ट्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब पर स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, एनालिस्ट्स भी स्टॉक पर ज्यादा पॉजिटिव नहीं है।
Investyadnya.in के कोफाउंडर Parimal Ade ने कहा, कंपनी से एक्सचेंजेस को आधिकारिक जवाब नहीं मिलने तक खुदरा इनवेस्टर्स को इस शेयर से दूर रहना चाहिए।