Yes Bank एक ऐसा शेयर है जिसमें लंबे समय से निवेशक तेजी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में शेयर में हल्की सी हलचल भी निवेशकों को खुश कर देती है। Yes Bank के शेयर पिछले एक महीने में 9.31% चढ़ चुके हैं। मंगलवार को Yes Bank के शेयर 1.12% चढ़कर 13.50 रुपए पर बंद हुए हैं। पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई खबरें आईं जिससे Yes Bank के निवेशकों को यह उम्मीद जगी है कि वो इस शेयर से प्रॉफिट बनाकर निकल सकते हैं।
एक दिन पहले ही यह खबर आई थी कि Yes Bank 1 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाने के अंतिम चरण में है। स बैंक यह फंडिंग प्राइवेट इक्विटी फर्म्स- कार्लाइल (Carlyle) और एडवेंट इंटरनेशनल (Advent International) से जुटा रहा है और फिलहाल इनके बीच अंतिम चरण की बातचीत चल रही है। हमारे सहयोगी न्यूज चैनल CNBC TV-18 ने यह रिपोर्ट दी है। इस फंडिंग के बदले ये दोनों प्राइवेट इक्विटी फर्म YES Bank में 10 फीसदी हिस्सेदारी लेने की तैयारी कर रही हैं।
यह भी माना जा रहा है कि इस निवेश के तहत कार्लाइल और एडवेंट, YES Bank के बोर्ड में भी एक-एक सीट चाहते हैं। यस बैंक ने इन नियुक्तियों की जगह बनाने के लिए अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA) में बदलाव किया है।
YES Bank यह फंडिंग ऐसे समय में जुटा रहा है, जब हाल ही में उसने एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) बनाने की डील पूरी की है, जिसके तहत वह अपने बैड लोन को इस ARC को ट्रांसफर कर देगा। बैंक ने बताया कि प्रस्तावित ARC की बहुंसख्यक हिस्सेदारी खरीदने की बोली JC Flowers ARC ने जीती है। इस ARC में यस बैंक की 20 फीसदी हिस्सेदारी होगी और इसके लिए उसे आरबीआई से मंजूरी मिल गई है। यस बैंक करीब 48,000 रुपये का अपना बैड लोन इस ARC को ट्रांसफर करेगा।
Yes Bank के शेयरों में Lock-in Period खत्म होने के बाद क्या शेयर बेचेगा SBI
अगले कुछ दिनों में Yes Bank के शेयरों का लॉक-इन पीरियड खत्म हो जाएगा। हालांकि अभी तक SBI ने अभी Yes Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला नहीं किया है। अभी तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक SBI इस साल Yes Bank में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगा। Yes Bank में SBI की 26% हिस्सेदारी है। देश के सबसे बड़े बैंक SBI को इस फाइनेंशियल ईयर (2022-23) के बाद यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की इजाजत है।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए उम्मीद है कि एसबीआई यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बारे में इस साल फैसला नहीं लेगा। खबर में कहा गया है कि एसबीआई ने अपनी नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सब्सिडियरी SBI जनरल इंश्योरेंस को स्टॉक मार्केट में लिस्ट कराने का प्लान टाल दिया है। वह अपनी म्यूचुअल फंड इकाई एसबीआई फंड मैनेजमेंट में भी हिस्सेदारी घटाना चाहता है, लेकिन जब तक बाजार में हालात नहीं सुधरता वह ऐसा नहीं करेगा।