Get App

HR Hygiene IPO Listing: 2% प्रीमियम पर लिस्ट सैनिटरी नैपकिन कंपनी का शेयर, ₹88 के भाव पर हुए थे जारी

HR Hygiene IPO Listing: एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स बच्चों से लेकर वयस्कों के लिए सैनिटरी नैपकिन बनाती है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। इसके आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। नई एंट्री से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 05, 2026 पर 10:15 AM
HR Hygiene IPO Listing: 2% प्रीमियम पर लिस्ट सैनिटरी नैपकिन कंपनी का शेयर, ₹88 के भाव पर हुए थे जारी
HR Hygiene IPO Listing: एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स का ₹54 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29-31 जुलाई तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

HR Hygiene IPO Listing: सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 6 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹88 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹90.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 2.27% का लिस्टिंग गेन (HR Hygiene Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹88.00 (HR Hygiene Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब न मुनाफे में हैं और न घाटे में।

HR Hygiene IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स का ₹54 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29-31 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 6.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.81 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 11.83 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 6.74 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹43 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 12,25,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹31.36 करोड़ गुजरात के राजकोट में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹3.57 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें