मार्केट एक्सपर्ट ए बालासुब्रमण्यम को उम्मीद है कि एनडीए के अंतिम आंकड़े एग्जिट पोल के अनुमान से कम रहने पर भी बाजार में कोई खास गिरावट नहीं आएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि महंगे वैल्यूएशन के कारण अगले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में कोई बड़ी तेजी भी देखने को नहीं मिलेगी।
अब तक एनडीए को करीब 289 सीटें मिलती दिख रही हैं जो एग्जिट पोल के 370 सीटों के औसत अनुमान से कम है। इसके विपरीत विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A को करीब 233 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो एग्जिट पोल के 140 सीटों के अनुमान से काफी ज्यादा है। इस अंतर ने निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है। 4 जून को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2,000 अंक से अधिक गिर गया, जबकि निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव के बीच 600 अंक से अधिक की गिरावट आई।
ए. बालसुब्रमण्यन का कहना है कि हालांकि बाजार में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। लेकिन बाजार का फोकस मुख्य रूप से नीतिगत निरंतरता, मजबूत बुनियादी बातों और महंगाई की स्थिति पर रहेगी।
उन्होंने आगे कहा कि चूंकि भारतीय बाजार दूसरे ग्लोबल बाजारों की तुलना में महंगे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में अंतिम वोट टैली के नतीजे बाजारों में तेजी को रोक सकती है। लेकिन अंतिम नतीजे अभी भी प्रतीक्षित हैं। ऐसे में अभी वास्तव में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
बाला ने कहा कि जब भी बाजार ने ऐतिहासिक रूप से बहुत ज्यादा रिटर्न दिया है तो उसके बाद बाजार वैल्यूएशन और अर्निंग घट जाती है। इसके चलते कंसोलीडेशन का दौर आता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत के ग्रोथ की गति खो जाएगी।
ए. बालसुब्रमण्यन का मानना है कि कुल मिलाकर बाजार में सकारात्मक रुझान बरकरार रहने की उम्मीद है। बाजार में कंसोलीडेशन का मतलब यह होगा कि जब भी बाजार की स्थिति अच्छी होगी, तब बाजार फिर से ऊपर उठने में संकोच नहीं करेगा।
बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी होगी या नहीं, इस सवाल का जवाब देते हुए बाला ने कहा कि लिक्विडिटी को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं दिखती। उनका मानना है कि कुल मिलाकर 40000 करोड़ रुपये की नकदी मौजूद होगी, जबकि 30,000 करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड में आएंगे। बाला ने आगे कहा "हमें उम्मीद है कि एनएफओ कलेक्शन मजबूत रहने के कारण फंड्स में आगे निवेश आएगा। अगर कीमतों पर किसी तरह का दबाव पड़ता है, तो म्यूचुअल फंड के लिए पर्याप्त नकदी होगी। पूरे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लगभग 4 से 5 फीसदी की नकदी आ सकती है।
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