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घरेलू मांग की वजह से भारत विदेशी झटकों से काफी हद तक सुरक्षित, जानिए निमेश शाह ने ऐसा क्यों कहा

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर निमेश शाह ने कहा कि ग्लोबल मार्केट्स कई तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। लेकिन, इंडिया के इकोनॉमिक फंडामेंटल्स मजबूत हैं। फिस्कल और करेंट अकाउंट डेफिसिट कंट्रोल में है। बैंकों की बैलेंसशीट अच्छी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 06, 2026 पर 4:29 PM
घरेलू मांग की वजह से भारत विदेशी झटकों से काफी हद तक सुरक्षित, जानिए निमेश शाह ने ऐसा क्यों कहा
निमेश शाह ने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन, पश्चिम में बढ़ते इंटरेस्ट रेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने दुनिया में अनिश्चितता बढ़ाई है।

वैश्विक अनिश्चितता जारी रहने के बावजूद भारत में स्टैबिलिटी बनी हुई है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर निमेश शाह ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन, पश्चिम में बढ़ते इंटरेस्ट रेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने दुनिया में अनिश्चितता बढ़ाई है। लेकिन, इंडिया अपेक्षाकृत अच्छी स्थिति में है।

ग्लोबल मार्केट्स के सामने कई तरह की चुनौतियां

उन्होंने मनीकंट्रोल FiDEX कार्यक्रम में कहा कि ग्लोबल मार्केट्स कई तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। लेकिन, इंडिया के इकोनॉमिक फंडामेंटल्स मजबूत हैं। फिस्कल और करेंट अकाउंट डेफिसिट कंट्रोल में है। बैंकों की बैलेंसशीट अच्छी है। कंपनियों पर कर्ज का बोझ अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा, "बहुत ज्यादा अनिश्चितता वाली दुनिया में हम एक स्टेबल द्वीप में है, जिसे भारत कहा जाता है।"

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