IDBI Bank के शेयरों में 23 मार्च को दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 66.50 रुपये के लो तक गया और 52 वीक का नया लो क्रिएट हुआ। बाद में शेयर लगभग 8 प्रतिशत गिरावट के साथ 67.35 रुपये पर सेटल हुआ। एक दिन पहले खबर आई कि सरकार IDBI Bank में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से शेयर बेचने पर विचार कर सकती है। सरकार का इस बैंक में हिस्सेदारी बेचने का प्रयास असफल होने के बाद यह कदम उठाया जा सकता है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि IDBI Bank में पब्लिक शेयरहोल्डिंग कम होने के कारण सही मार्केट वैल्यूएशन तय करना मुश्किल है। अगर पब्लिक शेयरहोल्डिंग को 10–15 प्रतिशत बढ़ाया जाए तो शेयर की कीमत ज्यादा भरोसेमंद और पारदर्शी तरीके से तय हो सकेगी। यह भी कहा जा रहा है कि रणनीतिक बिक्री, OFS के एक या दो चरणों के बाद भी की जा सकती है।
मार्च की शुरुआत में प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री का प्लान हुआ रद्द
विनिवेश के तहत सरकार IDBI Bank में अपनी और LIC की हिस्सेदारी में से 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही थी। लेकिन इस महीने की शुरुआत में इस प्रस्तावित बिक्री को रद्द कर दिया गया। इसकी वजह यह रही कि कथित तौर पर दो संभावित खरीदारों की वित्तीय बोलियां, रिजर्व प्राइस से कम थीं। वर्तमान में IDBI Bank में पब्लिक शेयरहोल्डिंग केवल 5.29 प्रतिशत है, जिससे बैंक का सही मूल्यांकन करना मुश्किल हो जाता है। IDBI Bank के निजीकरण यानि कि सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री की प्रक्रिया लंबे वक्त से अटकी हुई है। सरकार का प्लान IDBI Bank में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का था। वहीं LIC, बैंक में 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही थी।
इसके अलावा एक खबर यह भी है कि IDBI Bank पर आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने 5.50 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह पेनल्टी वित्त वर्ष 2020-21 के लिए है और आयकर कानून, 1961 की धारा 270A के तहत लगाई गई है।
IDBI Bank का शेयर 2 सप्ताह में 32 प्रतिशत कमजोर
IDBI Bank का मार्केट कैप 72400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 2 सप्ताह में 32 प्रतिशत गिरा है। बैंक में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसका बैंक पर नियंत्रण है। वहीं, भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48 प्रतिशत है। जनवरी 2019 में LIC ने IDBI Bank में लगभग 21,624 करोड़ रुपये में सरकार से 51 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। दिसंबर 2020 में बैंक में LIC की हिस्सेदारी घटकर 49.24 प्रतिशत हो गई।
अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में IDBI Bank का मुनाफा लगभग फ्लैट रहा। यह 1935 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। एक साल पहले मुनाफा 1908 करोड़ रुपये था। कुल इनकम घटकर 8282 करोड़ रुपये रह गई, जो दिसंबर 2024 तिमाही में 8565 करोड़ रुपये थी।
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