IDFC First Bank Stocks Today: रिकवरी के बाद फिर क्यों दबाव में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर?

IDFC First Bank Stocks Today: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 24 फरवरी को विधानसभा में बयान दिया था कि बैंक ने सरकार के अकाउंट्स में 556 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। इसके बाद बैंक के शेयरों में रिकवरी दिखी। लेकिन, यह तेजी टिक नहीं पाई। बुधवार को शेयर फिर से दबाव में आ गए

अपडेटेड Feb 25, 2026 पर 12:35 PM
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर 23 फरवरी को क्रैश कर गया था।

IDFC First Bank Stocks Today: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों पर 25 फरवरी को दबाव दिखा। 24 फरवरी को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बयान दिया था कि बैंक ने सरकार के अकाउंट्स में 556 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। इसके बाद बैंक के शेयरों में रिकवरी दिखी। लेकिन, यह तेजी टिक नहीं पाई। बुधवार को शेयर फिर से दबाव में आ गए। सवाल है कि रिकवरी के बाद बैंक के शेयर दोबारा क्यों दबाव में आ गए?

खत्म नहीं हुई है इनवेस्टर्स की चिंता 

एनालिस्ट्स का कहना है कि भले ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की तरफ से हरियाणा सरकार के अकाउंट्स में ज्यादातर पैसे आ गए है, लेकिन अभी इनवेस्टर्स की चिंता पूरी तरह से दूर नहीं हुई है। इसकी वजह यह है कि इस फ्रॉड की जांच अभी कई स्तरों पर चल रही है। IDFC First Bank ने कंसल्टेंसी फर्म केपीएमजी को फ्रॉड के इस मामले की जांच करने को कहा है। 3-4 हफ्ते में जांच के नतीजे आ जाएंगे। हरियाणा सरकार ने भी इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। पुलिस में भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है।


22 फरवरी को फ्रॉड का खुलासा

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने इस फ्रॉड का खुलासा 22 फरवरी को किया था। उसने कहा था कि बैंक के चार एंप्लॉयीज और कुछ दूसरे लोगों ने मिलकर 590 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। यह घोटाला हरियाणा सरकार के अकाउंट्स से जुड़ा है। बैंक ने बताया था कि यह घोटाला बैंक की चंडीगढ़ की एक ब्रांच में हुआ है। बैंक ने इस मामले में अपने चार एंप्लॉयीज को सस्पेंड कर दिया है। इस खबर का असर 23 फरवरी को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों पर पड़ा। शेयर 16 फीसदी तक क्रैश कर गए।

मामले पर आरबीआई की करीबी नजर

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि केंद्रीय बैंक मामले पर करीब नजर रख रहा है। हालांकि, आरबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक दोनों ने ही कहा है कि यह घोटाला बैंक की सिर्फ एक ब्रांच और हरियाणा सरकार के कुछ अकाउंट्स तक सीमित है। इसका असर बैंक में जमा दूसरे डिपॉजिटर्स के पैसे पर नहीं पड़ेगा।

बीते एक साल में 20 फीसदी चढ़ा है स्टॉक

एनालिस्ट्स का कहना है कि फ्रॉड की जांच चल रही है। इसके नतीजे आने के बाद ही इसके असर के बारे में पता चलेगा। हालांकि, उनका मानना है कि मध्यम से लंबी अवधि में बैंक के प्रदर्शन को लेकर कोई चिंता नहीं दिख रही। आईडीएफसी बैंक की ग्रोथ बैंकिंग इंडस्ट्री की औसत ग्रोथ से बेहतर रही है। बीते एक साल में यह स्टॉक करीब 20 फीसदी चढ़ा है। 25 फरवरी को IDFC First Bank का सेयर 12:10 बजे 0.77 फीसदी की कमजोरी के साथ 70.40 रुपये पर चल रहा था।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

ब्रोकरेज फर्म Emkay ने कहा है कि इस फ्रॉड की वजह से आगे हरियाणा सरकार के बैंक डिपॉजिट पर असर पड़ेगा। इससे निकट भविष्य में बैंक की री-रेटिंग में देर हो सकती है। लेकिन, लंबी अवधि में बैंक के रिटर्न ऑन एसेट्स की ग्रोथ पर असर नहीं पड़ेगा। ब्रोकरेज फर्म ने इनवेस्टर्स को बैंक के शेयरों में निवेश बढ़ाने की सलाह दी है। लेकिन, उसने शेयर के टारगेट प्राइस को 95 रुपये से घटाकर 80 रुपये कर दिया है।

मोतीलाल ओसवाल ने इस शेयर को 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 80 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से बैंक का शेयर 15-16 फीसदी चढ़ सकता है। नोमुरा ने इस शेयर को 'बाय' रेटिंग यानी खरीदने की सलाह दी है।

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