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भारत लिथियम इंपोर्ट घटाने और EV सेक्टर को बूस्ट देने के लिए कर रहा काम- अमिताभ कांत

सरकारी कंपनी खनिज बिदेश इंडिया लिमिडेट (KABIL)लिथिम की सप्लाई हासिल करने के लिए अर्जेंटीना, चिली, ऑस्ट्रेलिया और बोलीविया के साथ मिलकर काम कर रहा है ।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2021 पर 9:13 PM
भारत लिथियम इंपोर्ट घटाने और EV सेक्टर को बूस्ट देने के लिए कर रहा काम- अमिताभ कांत
भारत ने देश में लीथिम के इंपोर्ट को कम करने के लिए मल्टी मॉडल स्ट्रैटजी अपनाई है। सरकार का फोकस घरेलू इलेक्ट्रिकल व्हीकल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर है।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत से मनीकंट्रोल के साथ हुई एक लंबी बातचीत में ईवी इंडस्ट्री पर सरकार की नीतियों पर तमाम अहम जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने देश में लिथिम के इंपोर्ट को कम करने के लिए मल्टी मॉडल स्ट्रैटजी अपनाई है। सरकार का फोकस घरेलू इलेक्ट्रिकल व्हीकल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर है।

उन्होंने इस बातचीत में बताया है कि सरकारी कंपनी खनिज बिदेश इंडिया लिमिडेट (KABIL)लिथिम की सप्लाई हासिल करने के लिए अर्जेंटीना, चिली, ऑस्ट्रेलिया और बोलीविया के साथ मिलकर काम कर रहा है । इन देशों के पास कोबाल्ट और लिथिम के भारी भंडार हैं। इसके अलावा देश में अर्बन माइनिंग पर भी बड़ा काम हो रहा है। इसके तहत रिसाइकिल्ड मटेरियल का उपयोग इंडस्ट्री में किया जाता और इससे ताजे लिथिम की मांग पर निर्भरता कम होती है। अर्बन माइनिंग के जरिए इंपोर्ट पर भी निर्भरता कम होती है।

इस बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत के पास पर्याप्त लिथिम ना होने के कारण हमको देश में लिथिम ऑयन बैटरियां बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। देश में लगभग चलने वाले लगभग सभी इलेक्ट्रिक वाहन इपोर्टेट बैटरियों पर चलते है और इनमें भी अधिकांश बैटरियों को एक्सपोर्ट चीन से होता है।

उन्होंने इस बातचीत में आगे बताया कि भारत में ईवी इंडस्ट्री के सामने क्या चुनौतियां है और उसका समाधान कैसे किया जा सकता है इसके लिए एक पार्लियामेंटरी पैनल का गठन किया गया है। इस पैनल ने सरकार को लीथिम ऑयन बैटरीज के लिए विदेशों खासकर चीन पर निर्भरता कम करने के सुझाव दिए हैं।

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