INDIA PMI DATA : दिसंबर मैन्युफैक्चरिंग PMI 57.4 से घटकर 56.4 पर आई

आज आए आकंड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2024 में देश में उत्पादन गतिविधियां 12 महीने का सबसे निचला स्तर पर रही है

अपडेटेड Jan 02, 2025 पर 11:40 AM
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भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि दिसंबर में 56.4 पर क्लोज हुई जो कि पिछले महीने नवंबर में 57.4 के स्तर पर रही थी

December manufacturing PMI : भारत की दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.4 के स्तर पर रही है। भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि दिसंबर में 56.4 पर क्लोज हुई जो कि पिछले महीने नवंबर में 57.4 के स्तर पर रही थी। आज आए आकंड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2024 में देश में उत्पादन गतिविधियां 12 महीने का सबसे निचला स्तर पर रही है।

 लगातार दूसरे महीने मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई

दिसंबर में लगातार दूसरे महीने मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई है। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स में नवंबर में भी गिरावट आई थी। हालांकि,इंडेक्स 2024 में औसतन 57.5 से ऊपर रहेगा। जबकि पिछले वर्ष यह औसत 56.8 था। एचएसबीसी की अर्थशास्त्री इनेस लैम ने कहा, "भारत की मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधि ने 2024 को नरम नोट के साथ मजबूत से क्लोज किया,जबकि इंडस्ट्रियल सेक्टर में मंदी के ट्रेंड के अधिक संकेत मिले हालांकि यह मंदि मध्यम स्तर की थी।"


नए ऑर्डरों में बढ़त धीमी रही, लेकिन एक्सपोर्ट के मोर्चे पर सकारात्मक संकेत 

नए ऑर्डरों में बढ़त की गति एक साल में सबसे धीमी रही, लेकिन एक्सपोर्ट के मोर्चे पर कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिले। एचएसबीसी के मुताबिक जुलाई के बाद से नए एक्सपोर्ट ऑर्डर सबसे तेज़ गति से बढ़े हैं। उत्पादकों को इस अवधि में महंगाई से कुछ राहत मिली। इनपुट महंगाई पिछले महीने से कम हुई है। हालांकि,चार्ज महंगाई में तेज़ी से बढ़त हुई,इस कंपनियों के लिए कीमत निर्धारण के अच्छे मौके बने हैं।

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 चार महीनों में सबसे तेज गति से हुआ रोजगार सृजन

एचएसबीसी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि वास्तविक साक्ष्यों से पता चला है कि मांग में लचीलेपन से मूल्य निर्धारण शक्ति को सपोर्ट मिला है। रोजगार के मोर्चे पर भी कुछ अच्छी खबरें आईं है। रोजगार सृजन चार महीनों में सबसे तेज गति से हुआ। एचएसबीसी ने कहा, "लगभग दस में से एक कंपनी ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की,जबकि 2 फीसदी से भी कम फर्मों ने नौकरियां छीनी हैं। एचएसबीसी ने आगे कहा आने वाले वर्ष के लिए भी संभावनाएं मजबूत हैं लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उच्च महंगाई को लेकर चिंताएं हैं।

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