इंडियन बैंक ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसके बाद इसके शेयर में 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर शेयर 874.95 रुपये के हाई तक गया। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि तिमाही के दौरान उसका स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3273.09 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा करीब 2973 करोड़ रुपये था। कुल आय 20,724 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो जून 2025 तिमाही में 18,721 करोड़ रुपये थी।
जून 2026 तिमाही के दौरान इंडियन बैंक की ब्याज से आय बढ़कर 18,090 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 16,283 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय (NII) 17 प्रतिशत बढ़कर 7,435 करोड़ रुपये हो गई, जो जून 2025 तिमाही में 6,359 करोड़ रुपये थी। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट एक साल पहले की समान तिमाही के 4,770 करोड़ रुपये से बढ़कर जून 2026 तिमाही में 5,557 करोड़ रुपये हो गया।
जून 2026 तिमाही में इंडियन बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो कुल लोन का 1.86 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 3.01 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी घटकर 0.15 प्रतिशत पर आ गया, जो जून 2025 तिमाही में 0.18 प्रतिशत था। बैड लोन के लिए प्रोविजनिंग घटकर 376 करोड़ रुपये रह गई।
शेयर 1 साल में 40 प्रतिशत मजबूत
शेयर में आई तेजी से इंडियन बैंक का मार्केट कैप बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत 2 साल में 60 प्रतिशत और एक साल में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ी है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 73.84 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
जून 2026 तिमाही के दौरान बैंक का कुल बिजनेस सालाना आधार पर 13.66 प्रतिशत बढ़कर 15,29,201 करोड़ रुपये रहा। डिपॉजिट एक साल पहले से 13.47 प्रतिशत की बढ़कर 8,44,578 करोड़ रुपये के हो गए। कुल एडवांस लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,84,623 करोड़ रुपये के रहे।
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