अगले दो वित्त वर्षों में 6.7% रहेगी भारत की विकास दर : विश्व बैंक

विश्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि 2025-26 में दक्षिण एशिया में विकास दर बढ़कर 6.2 फीसदी हो जाने की उम्मीद है। भारत में भी मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान है

अपडेटेड Jan 17, 2025 पर 11:06 AM
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भारत को छोड़कर,की दक्षिण एशिया में 2024 में विकास दर बढ़कर 3.9 फीसदी होने का अनुमान है। ये मुख्य रूप से पाकिस्तान और श्रीलंका में हुए सुधार को दर्शाता है

दक्षिण एशिया के लिए जारी विश्व बैंक के ताजे ग्रोथ अनुमानों के मुताबिक अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले अगले दो वित्त वर्षों में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 6.7 फीसदी सालाना पर रहने का अनुमान है।विश्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि 2025-26 में दक्षिण एशिया में ग्रोथ बढ़कर 6.2 फीसदी होने की उम्मीद है। भारत में भी मजबूत ग्रोथ दिखने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले अगले दो वित्त वर्षो में ग्रोथ रेट 6.7 फीसदी प्रति वर्ष पर रहने का अनुमान है।

विश्व बैंक ने कहा सर्विस सेक्टर में निरंतर विस्तार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि भी मजबूत होगी। कारोबारी माहौल में सुधार के लिए सरकार की पहलों का भी फायदा मिलेगा। निवेश में स्थिर ग्रोथ का अनुमान है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि देश में निजी निवेश में बढ़त से सरकारी निवेश में आई नरमी की भरपाई होगी।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि निवेश में मंदी और कमजोर उत्पादन गतिविधि के कारण वित्त वर्ष 2024/25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2025) में भारत की ग्रोथ घटकर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि,निजी उपभोग की ग्रोथ अच्छी बनी हुई है। इसमें मुख्य रूप से ग्रामीण आय में सुधार और कृषि उत्पादन में सुधार के कारण सुधार हुआ है।


भारत को छोड़कर,की दक्षिण एशिया में 2024 में विकास दर बढ़कर 3.9 फीसदी होने का अनुमान है। ये मुख्य रूप से पाकिस्तान और श्रीलंका में हुए सुधार को दर्शाता है। इन देशों आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए अपनाई गई बेहतर आर्थिक नीतियों का फायदा मिला है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में 2024 के मध्य में राजनीतिक उथल-पुथल ने इकोनॉमिक गतिविधि को प्रभावित किया और निवेशकों का विश्वास कम हुआ। एनर्जी की कमी और आयात प्रतिबंधों के चलते आपूर्ति में बाधा आई। इससे औद्योगिक गतिविधि को कमजोर हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ा।

इसमें आगे कहा गया है कि अगर भारत को अलग रख कर देखें तो बाकी दक्षिण एशिया में विकास दर 2025 में 4 फीसदी और 2026 में 4.3 फीसदी तक रहने की उम्मीद है। हालांकि इस वर्ष का पूर्वानुमान जून की तुलना में थोड़ा कम है। इसका मुख्य कारण आर्थिक और नीतिगत अनिश्चितता के बीच बांग्लादेश की डाउनग्रेडिंग है।

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