Indigo Q3 Result: 78% गिरकर मुनाफा आया ₹550 करोड़ पर, लेकिन रेवेन्यू में दिखा उछाल

Indigo Q3 Result: जिस तिमाही इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स रद्द की और डिले की, उस तिमाही का रिजल्ट आ गया। दिसंबर 2025 तिमाही में इंडिगो की सेहत को करारा झटका लगा और इसका मुनाफा 78% गिर गया। चेक करें इंडिगो के रिजल्ट की खास बातें और इसके शेयरों की क्या स्थिति है?

अपडेटेड Jan 22, 2026 पर 5:33 PM
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Indigo Q3 Result: दिसंबर 2025 तिमाही में सालाना आधार पर इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को तगड़ा शॉक लगा और इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 77.58% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आ गया।

Indigo Q3 Result: पिछले महीने 3-5 दिसंबर के बीच इंडिगो के फ्लाइट्स बड़ी संख्या में रद्द हुए थे और कई फ्लाइट्स डिले हुई थी। अब पूरी दिसंबर तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश हुए तो सामने आया कि इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को करारा शॉक लगा और इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 78% गिर गया। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है। शेयरों की बात करें तो आज नतीजे आने से पहले मजबूत मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयर बीएसई पर 1.15% की बढ़त के साथ ₹4913.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 1.54% उछलकर ₹4932.75 तक पहुंच गया था।

Indigo Q3 Result: खास बातें

दिसंबर 2025 तिमाही में सालाना आधार पर इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को तगड़ा शॉक लगा और इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 77.58% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आ गया। हालांकि एक्सपेश्नल आइटम और फोरेक्स इंपैक्ट को निकाल दिया जाए तो इसका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर ₹3846 करोड़ से घटकर ₹3,131 करोड़ पर आया। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 6.16% उछलकर ₹23,471.9 करोड़ पर पहुंच गया। इसके ₹1,546.5 करोड़ के एक्सपेश्नल आइटम में नए लेबर कानून लागू करने के लिए ₹969.3 करोड़ का अनुमानित प्रावधान, ₹55 करोड़ का ऑपरेशनल डिसरप्शन कॉस्ट और डीजीसीए की ₹22.2 करोड़ की पेनाल्टी शामिल है।


ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो इंडिगो का ईबीआईटीडीए यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 3.6% बढ़कर ₹5,367 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन 23.4% से फिसलकर 22.9% पर आ गया। ऑपरेशनल लेवल पर इंडिगो की कैपेसिटी 11.2% बढ़कर 4540 करोड़ सीट किमी हो गई जबकि यात्रियों की संख्या 2.8% बढ़कर 31.9 करोड़ पर पहुंच गई। यील्ड 1.8% घटकर प्रति सीट किमी ₹5.33 हो गई और लोड फैक्टर 2.4 पर्सेंटज प्वाइंट घटकर 84.6% पर आ गया। फ्यूल सीएएसके 2.8% घटकर ₹1.53 पर आ गया जबकि फ्यूल और फोरेक्स को छोड़ यह 2.2% बढ़कर ₹2.96 पर पहुंच गया।

फोरेक्स को छोड़ EBITDAR की बात करें तो सालाना आधार पर यह 5.5% गिरकर ₹7,043.4 करोड़ पर आ गया और इस दौरान बिना फोरेक्स के EBITDAR मार्जिन भी 33.7% से 30% पर आ गया। ईबीआईटीडीएआर सालाना आधार पर (₹6,058.7 करोड़ (27.4% मार्जिन) से गिरकर ₹6,008.4 करोड़ (25.6% मार्जिन) पर आ गया। इंडिगो के पास ₹51,606.9 करोड़ की नगदी है जिसमें ₹36,944.5 करोड़ का फ्री कैश है। दिसंबर तिमाही में इंडिगो ने टेक्निकल डिस्पैच रिलायबिलिटी को 99.9% पर बनाए रखा। अक्टूबर और नवंबर 2025 में इसने छह अहम मेट्रो एयरपोर्ट्स पर 76.6% का वन-टाइम परफॉरमेंस हासिल किया और फ्लाइट कैंसिलेशन रेट 1.03% रही। अब आगे की बात करें तो इंडिगो को उम्मीद है कि मार्च 2026 तिमाही में इसकी क्षमता यानी ASKs (एवेलेबल सीट किमी) करीब 10% की रफ्तार से बढ़ सकती है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर पिछले साल 22 जनवरी 2025 को ₹3946.40 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह सात ही महीने में 57.74% उछलकर 18 अगस्त 2025 को ₹6225.05 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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