IGL का स्टॉक धड़ाम, दिल्ली सरकार के एक फैसले से 14% तक टूटा

दिल्ली सरकार के नई EV पॉलिसी को मंजूरी देने के बाद Jefferies India ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के शेयर की रेटिंग को 'बाय' से घटाकर 'होल्ड' कर दिया है। साथ ही टारगेट प्राइस को भी कम कर दिया है। जेफरीज ने वित्त वर्ष 2025 के बाद IGL वॉल्यूम पर संभावित 30 प्रतिशत की मार का अनुमान लगाया है और इसे देखते हुए स्टॉक के लिए टारगेट प्राइस को 3 प्रतिशत कम करके 465 रुपये प्रति शेयर कर दिया है

अपडेटेड Oct 20, 2023 पर 4:16 PM
गुरुवार 19 अक्टूबर को भी IGL के शेयरों में 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (Indraprastha Gas Ltd) के शेयर में शुक्रवार 20 अक्टूबर को बड़ी गिरावट देखी गई। कंपनी का शेयर 14 प्रतिशत तक नीचे आया। इसके पीछे वजह है दिल्ली सरकार की कैब एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विसेज के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी। इसके तहत 1 अप्रैल 2030 तक सभी एग्रीगेटर्स के पास पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फ्लीट होना चाहिए। इस खबर का असर गुरुवार 19 अक्टूबर को भी IGL के शेयरों पर दिखा था और अब शुक्रवार को भी शेयर को तगड़ा झटका लगा है।

सुबह शेयर बीएसई पर गिरावट के साथ 448.45 रुपये पर खुला। दिन के दौरान इसने पिछले बंद भाव 457.45 रुपये से 14 प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट देखी और 400.75 रुपये तक लुढ़का। एनएसई पर शेयर 447.45 रुपये पर खुला और पिछले बंद भाव 457.65 रुपये से 14 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 400.90 रुपये तक आया। कारोबार खत्म होने पर शेयर करीब 12 प्रतिशत की गिरावट के साथ बीएसई और एनएसई दोनों पर 403 रुपये पर सेटल हुआ।

जेफरीज ने घटाई रेटिंग


दिल्ली सरकार के नई EV पॉलिसी को मंजूरी देने के बाद Jefferies India ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के शेयर की रेटिंग को 'बाय' से घटाकर 'होल्ड' कर दिया है। साथ ही टारगेट प्राइस को भी कम कर दिया है। जेफरीज ने वित्त वर्ष 2025 के बाद IGL वॉल्यूम पर संभावित 30 प्रतिशत की मार का अनुमान लगाया है और इसे देखते हुए स्टॉक के लिए टारगेट प्राइस को 3 प्रतिशत कम करके 465 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। जेफरीज का मानना है कि नई जनरल एडवायजरीज के चलते एनसीआर में स्लोडाउन की भरपाई की संभावना नहीं है। IGL के वॉल्यूम में 88 प्रतिशत का योगदान एनसीआर का है।

IGL स्टॉक को झटका, Jefferies ने रेटिंग और टारगेट प्राइस घटाया; दिल्ली सरकार की नई पॉलिसी बनी वजह

क्या है दिल्ली सरकार की नई पॉलिसी

दिल्ली सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विसेज और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ईवी ट्रांजिशन पॉलिसी का प्रस्ताव दिया है। इसे उपराज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है। इस पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर धीरे-धीरे शिफ्ट होने की जरूरत है, जिसमें कुल नई खरीद में से 50 प्रतिशत तीन साल के अंदर इलेक्ट्रिक होगी और पूरी 100 प्रतिशत खरीद नोटिफिकेशन डेट से पांच साल के अंदर इलेक्ट्रिक होगी। 1 अप्रैल 2030 तक सभी एग्रीगेटर्स के पास पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फ्लीट होना चाहिए।

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