Indus Towers Share Price: 19 जून को ब्लॉक डील में मोबाइल टावर कंपनी इंडस टावर्स में 20 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी की बिक्री की गई। यूके के वोडाफोन समूह के संभावित विक्रेता होने की खबर है। बिक्री के तहत इंडस टावर्स के 53.30 करोड़ शेयरों को बेचा गया और सौदे की कुल कीमत 17,065 करोड़ रुपये रही। मनीकंट्रोल इस लेन-देन में शामिल पक्षों की तुरंत पहचान नहीं कर सका है। हालांकि सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि वोडाफोन समूह, इंडस टावर्स में 18 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्राइवेट इक्विटी फर्म आई स्क्वेयर्ड कैपिटल और ऑल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फर्म स्टोनपीक, इंडस टावर्स में वोडाफोन की हिस्सेदारी को खरीदने की रेस में शामिल खरीदारों में थे।
Indus Towers 7% तक लुढ़का
19 जून को इंडस टावर्स का शेयर लाल निशान में है। सुबह बीएसई पर यह गिरावट के साथ 330.45 रुपये पर खुला। उसके बाद करीब 7 प्रतिशत तक गिरकर 320.60 रुपये के लो तक गया। कारोबार बंद होने पर शेयर करीब 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 334 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 90000 करोड़ रुपये है। इंडस टावर्स में मार्च 2024 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 69 प्रतिशत और पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 30.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
पिछले सप्ताह, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि वोडाफोन समूह अपने भारी कर्ज से निपटने के लिए एक रणनीतिक कदम के तहत ब्लॉक डील के माध्यम से इंडस टावर्स में अपनी पूरी 2.3 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। इस हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त आय वोडाफोन के महत्वपूर्ण 42.17 अरब डॉलर के शुद्ध कर्ज को कम करने के लिए निर्धारित की गई है। 2022 में वोडाफोन ने इंडस में अपनी तत्कालीन 28 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के इरादे की घोषणा की थी। लेकिन प्रगति धीमी रही, और अब तक केवल एक अंश ही बेचा जा सका है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।