Infosys का एडीआर 5 फीसदी फिसला, क्या 24 अप्रैल को भारत में भी गिरेगा इंफोसिस का शेयर?

इंफोसिस ने 23 अप्रैल को बाजार बंद होने के बाद मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहा। इसमें कंपनी के बैंकिंग, एनर्जी और कम्युनिकेशन जैसे प्रमुख सेगमेंट्स में स्ट्रॉन्ग डिमांड का हाथ है

अपडेटेड Apr 23, 2026 पर 7:53 PM
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इंफोसिस का शेयर 23 अप्रैल को करीब 3 फीसदी गिरकर 1,231 रुपये पर बंद हुआ।

इंफोसिस के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (एडीआर) में 23 अप्रैल को बड़ी गिरावट दिखी। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने 23 अप्रैल को बाजार बंद होने के बाद मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहा। इसमें कंपनी के बैंकिंग, एनर्जी और कम्युनिकेशन जैसे प्रमुख सेगमेंट्स में स्ट्रॉन्ग डिमांड का हाथ है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13.4 फीसदी बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये रहा। एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 46,030 करोड़ रहने का अनुमान जताया था।

FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ 1.5-3.5 फीसदी रहने का अनुमान

इंफोसिस ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ 1.5-3.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। ब्रोकरेज फर्मों ने 2 से 4 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया था। FY27 के इस गाइडेंस से यह संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कंपनी डिमांड इनवायरमेंट को लेकर सावधानी बरत रही है। एडीआर में बड़ी गिरावट की यह वजह हो सकती है।


24 अप्रैल को इंफोसिस के शेयरों पर दिखेगा असर

भारत में इंफोसिस के शेयरों पर उसके नतीजों का असर 24 अप्रैल को दिखेगा। अच्छे नतीजों के बावजूद कमजोर गाइडेंस से कंपनी के शेयर में गिरावट आ सकती है। इंफोसिस का शेयर 23 अप्रैल को करीब 3 फीसदी गिरकर 1,231 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल यह शेयर 24.4 फीसदी गिरा है। दूसरी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी इस साल बड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स हैं।

अमेरिकी शेयर बाजारों में कारोबार की कमजोर शुरुआत 

23 अप्रैल को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ खुले। एसएंडपी500 0.3 फीसदी कमजोर था। नैस्डेक में 0.4 फीसदी की गिरावट थी, जबकि डावो जोंस 0.3 फीसदी नीचे चल रहा था। बाजार की गिरावट में आईबीएम और सर्विसनाउ का बड़ा हाथ था। इन दोनों शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। टेस्ला के शेयरों में 2 फीसदी गिरावट आई। अमेरिकी शेयर बाजार के तीनों प्रमुख सूचकांक 22 अप्रैल को रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए थे। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर बढ़ाने का ऐलान था।

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23 अप्रैल को भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट 

भारतीय बाजारों में भी 23 अप्रैल को बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 0.84 फीसदी यानी 205 अंक गिरकर 24,173 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.09 फीसदी यानी 852 अंक की गिरावट के साथ 77,664 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.43 फीसदी की गिरावट आई। सरकारी बैंकों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हालांकि, फार्मा इंडेक्स में तेजी आई। डॉ रेड्डीज का शेयर 8 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। शाम के कारोबार में गिफ्ट निफ्टी में 0.07 फीसदी की हल्की मजबूती दिखी।

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