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Trump Reciprocal Tariff: रेसिप्रोकल टैरिफ से पहले बनाएं इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी, जानें किन स्टॉक्स से दूर रहने में है भलाई

Donald trump reciprocal Tariff: इंडिया कई प्रोडक्ट्स का अमेरिका को एक्सपोर्ट करता है। इनमें दवाएं, ऑटो कंपोनेंट्स और जेम्स एंड ज्लैवरी शामिल हैं। रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी मार्केट में महंगे हो जाएंगे, जिसका असर उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता पर पड़ेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 28, 2025 पर 2:33 PM
Trump Reciprocal Tariff: रेसिप्रोकल टैरिफ से पहले बनाएं इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी, जानें किन स्टॉक्स से दूर रहने में है भलाई
अमेरिका दवाओं पर जीरो ड्यूटी लगाता है, जबकि इंडिया दवाओं पर करीब 10 फीसदी ड्यूटी लगाता है।

अमेरिका का रेसिप्रोकल टैरिफ 2 अप्रैल से लागू हो जाएगा। इसका असर इंडिया सहित दुनियाभर की कंपनियों के बिजनेस पर पड़ेगा। कुछ सेक्टर की कंपनियों पर इसका ज्यादा तो कुछ सेक्टर की कंपनियों के कारोबार पर इसका कम असर पड़ने की उम्मीद है। स्टॉक इनवेस्टर्स के लिए टैरिफ से जुड़ी खबरों पर नजर रखनी जरूरी है। इंडिया में उन कंपनियों पर ज्यादा असर पड़ेगा, जो अमेरिकी मार्केट में अपने प्रोडक्ट्स का निर्यात करती हैं।

इंडियन फॉर्मा कंपनियों की अमेरिका में धाक

फार्मा ऐसा सेक्टर है, जिसमें कई इंडियन कंपनियों की धाक अमेरिका सहित कई देशों में है। इंडियन फार्मा कंपनियां अमेरिकी मार्केट में काफी ज्यादा एक्सपोर्ट करती हैं। इसलिए रेसिप्रोकल टैरिफ का असर फार्मा कंपनियों के बिजनेस पर पड़ सकता है। अमेरिका दवाओं पर जीरो ड्यूटी लगाता है, जबकि इंडिया दवाओं पर करीब 10 फीसदी ड्यूटी लगाता है।

इंडियन कंपनियों की दवाएं अमेरिका में महंगी हो जाएंगी

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