एक तरफ जहां हेडलाइन इंडेक्स संघर्ष करते दिख रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी मिडकैप 100 ने पिछले वर्ष में 26 फीसदी और 2023 में अब तक 23 की बढ़ोतरी के साथ आसमान की ऊंचाइयों को छू लिया है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। मार्च महीने के अपने हालिया निचले स्तर से यह लगभग 31 फीसदी ऊपर दिख रहा है। लेकिन इस इंडेक्स में शामिल सभी शेयरों का प्रदर्शन ऐसा नहीं रहा है। इससे मार्केट में सही स्टॉक चुनने के कौशल की अहमियत साबित होती है।
एक तरफ तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और आरईसी जैसे स्टॉक हैं जिन्होंने एक साल में 100 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। वहीं इस स्पेस में कुछ ऐसे भी स्टॉक हैं जिन्होंने निवेशकों को गरीब बना दिया है। ये स्टॉक बाजार में तेजी आने के बावजूद भी वापसी करने में विफल रहे हैं। यहां हम आपके लिए कुछ ऐसे ही स्टॉक्स की एक सूचि दे रहे हैं, आइए डालते हैं इन पर एक नजर।
क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स (Crompton Greaves Consumer Electricals): यह घरेलू विद्युत उपकरण बनाने वाली कंपनी पिछले कुछ वर्षों से अपनी आय बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है। पांच साल की बिक्री सीएजीआर 11 फीसदी और मुनाफा 7 फीसदी रहा है। कंपनी के कमजोर प्रदर्शन के चलते निवेशक इस स्टॉक से दूर बने हुए हैं। स्टॉक पिछले 1 साल में 24 फीसदी और सितंबर 2021 के अपने ऑलटाइम हाई से 42 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।
आदित्य बिड़ला फैशन और रिटेल (Aditya Birla Fashion and Retail): घाटे वाले शेयरों की इस सूचि में अगले नबंर पर है आदित्य बिड़ला फैशन और रिटेल। परिधान के खुदरा बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के और घाटे के कारण पिछले वर्ष की तुलना में स्टॉक में 21 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि हाल के दिनों में इस स्टॉक में कुछ खरीदारी देखने को मिली है। पिछले पांच सालों में बिक्री में दोहरे अंक की बढ़त के बावजूद कंपनी को घाटा हुआ,जिससे कंपनी की व्यावसायिक दक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स (Gujarat Fluorochemicals): कुछ साल पहले निवेशकों के पसंदीदा रहे केमिकल स्पेस को हाल के दिनों में झटका लगा है। कच्चे माल की ऊंची लागत और केमिकल्स की गिरती कीमतों के चलते गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स जैसे स्टॉक्स को भारी झटका लगा है। पिछले साल के दौरान स्टॉक में 16 फीसदी की गिरावट आई है। अक्टूबर 2022 के अपने ऑलटाइम हाई से ये स्टॉक लगभग 31 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।
वोल्टॉस (Voltas): कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी स्पेस से एक और स्टॉक ने निवेशकों को निराश किया है। इसका नाम है वोल्टॉस। टाटा समूह का यह स्टॉक 16 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।
टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals): जो बढ़ता है अंततः उसमें गिरावट आती है। ये कहावत टाटा समूह के कई शेयरों के लिए सच लग रही है। टाटा ग्रुप के काई शेयर पिछले साल तक काफी लोकप्रिय थे। लेकिन हाल के दिनों में इनमें गिरावट देखने को मिली है। इन शेयरों में टाटा केमिकल्स का नाम भी शामिल है। पिछले कुछ महीनों में आई खरीदारी के बावजूद स्टॉक में साल भर में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है।