पिछले साल के लगभग आधे IPO अपने इश्यू प्राइस से नीचे, बाजार में गिरावट ने मिटाई सारी बढ़त
शेयर बाजार में पिछले वित्त वर्ष (FY25) के दौरान जिन कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हुए थे, उनमें से अब आधी कंपनियों के शेयर अपने IPO प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। सितंबर 2024 के बाद बाजार में आई गिरावट ने इन शेयरो की सारी बढ़त को मिटा दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट आईपीओ बाजार के उत्साह को ठंडा कर रही है
पिछले वित्त वर्ष में कुल 78 कंपनियों ने IPO के जरिए शेयर बाजार में कदम रखा
शेयर बाजार में पिछले वित्त वर्ष (FY25) के दौरान जिन कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हुए थे, उनमें से अब आधी कंपनियों के शेयर अपने IPO प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। सितंबर 2024 के बाद बाजार में आई गिरावट ने इन शेयरो की सारी बढ़त को मिटा दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट आईपीओ बाजार के उत्साह को ठंडा कर रही है। जबकि पिछले साल आईपीओ मार्केट में खूब गुलजार रहा था। निवेशकों ने बड़े पैमाने पर IPO में पैसा लगाया था और कंपनियों ने भारी मात्रा में पूंजी जुटाई थी।
पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 78 कंपनियों ने IPO के जरिए शेयर बाजार में कदम रखा और 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई। इनमें से 34 कंपनियां अब अपनी जारी कीमत से नीचे कारोबार कर रही हैं। इनमें से 10 कंपनियों के शयेर तो पहले दिन ही डिस्काउंट पर लिस्ट हुए थे और पूरे साल साल उस स्तर से ऊपर नहीं उठ पाए।
वहीं बाकी 24 कंपनियों ने शुरुआत में अच्छी बढ़त हासिल की थी, लेकिन बाद में आई गिरावट के कारण सारी कमाई गंवा दी।
सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में गोदावरी बायोरिफाइनरीज का शेयर सबसे आगे रहा, जो अपने IPO प्राइस से 58 प्रतिशत से अधिक नीचे आ गया, इसके बाद कैरारो इंडिया और वेस्टर्न कैरियर्स इंडिया का स्थान रहा, दोनों ही अपने IPO प्राइस से 56 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे।
सरस्वती साड़ी डिपो, टॉलिन्स टायर्स, श्री तिरुपति बालाजी एग्रो ट्रेडिंग, एक्मे फिनट्रेड, इकोस इंडिया मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, सुरक्षा डायग्नोस्टिक और बाजार स्टाइल रिटेल जैसे दूसरे शेयर भी अपने इश्यू प्राइस से 40-50 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे हैं।
इसके अलावा, 10 दूसरे शेयर जो लिस्टिंग के बाद तेजी से बढ़े थे, अब अपनी इश्यू प्राइस के करीब आ गए हैं या मामूली लाभ पर ट्रेड कर रहे हैं।
जिन IPO ने सबसे ज्यादा निराश किया
ममता मशीनरी, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, यूनिकॉमर्स ई-सॉल्यूशंस, यूनिमेक एयरोस्पेस एंड मैन्युफैक्चरिंग और डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स जैसी कंपनियों ने पिछले साल अपनी लिस्टिंग पर निवेशकों को भारी मुनाफा कराया था। लेकिन बाद में इन शेयरों ने अपनी आधी से ज्यादा बढ़त गंवा दी।
कुछ IPO ने बाजार गिरावट के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया
हालांकि, कुछ स्टॉक्स ने बाजार की गिरावट के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया और लगातार ऊपर बने रहे। इनमें KRN हीट एक्सचेंजर & रेफ्रिजरेशन, भारती हेक्साकॉम, क्वाडरैंड फ्यूचर टेक और ओरिएंट टेक्नोलॉजीज शामिल हैं, जो लिस्टिंग के बाद लगातार ऊपर चढ़ते गए।
शुरुआती सुस्ती के बाद तेजी दिखाने वाले IPO
कुछ स्टॉक्स ने लिस्टिंग पर धीमी शुरुआत की थी, लेकिन बाद में बाजार की गिरावट के बावजूद शानदार मुनाफा दिया। इनमें जिंका लॉजिस्टिक्स, सैगिलिटी इंडिया, डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर, आधार हाउसिंग फाइनेंस, ऑफिस स्पेस सॉल्यूशंस और एवेंटिव हॉस्पिटैलिटी शामिल हैं। इन कंपनियों ने या तो डिस्काउंट पर लिस्टिंग की थी या मामूली बढ़त के साथ बाजार में आई थीं। लेकिन अब ये सभी मजबूत रिटर्न दे रही हैं।
IPO मार्केट में गिरावट की वजह क्या है?
मार्केट्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि कई कंपनियों ने अपने IPO की कीमतें बहुत ज्यादा ऊंची रखीं, जिससे बाद में गिरावट आई। इसके अलावा रिटेल निवेशक आमतौर पर IPO में शॉर्ट-टर्म मुनाफे के लिए निवेश करते हैं। जब शुरुआती बढ़त हासिल हो जाती है, तो वे बेचकर निकल जाते हैं, जिससे स्टॉक पर दबाव बढ़ता है। साथ ही संस्थागत निवेशकों के लिए लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ गई, जिससे कीमतों में और गिरावट आई।
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