Get App

2023 के बाकी महीनों में आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की गति पड़ेगी थोड़ी धीमी : दिवम शर्मा

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट का 15 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले दिवम शर्मा का कहना है कि सेबी ने 50000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। लेकिन इसमें कितने आईपीओ वास्तव में बाजार में आते हैं ये मार्केट सेंटीमेंट पर निर्भर करेगा। बाजार में अब तक शानदार तेजी देखने को मिली। बाजार अब तक तमाम पॉजिटिव फैक्टर्स के असर को पचा भी चुका है। ऐसे में बाजार में लगातार 5 सालों तक इसी तरह की तेजी बनी रहेगी ये अतिआशावाद है

Curated By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jul 29, 2023 पर 1:56 PM
2023 के बाकी महीनों में आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की गति पड़ेगी थोड़ी धीमी : दिवम शर्मा
FMCG सेक्टर पर बात करते हुए दिवम ने कहा कि उन्हें इस सेक्टर में मध्यम स्तर के ग्रोथ की उम्मीद है। कमोडिटी की कीमतों में गिरावट के कारण इस सेक्टर के ग्रॉस मार्जिन में सुधार देखने को मिल रहा है

ग्रीन पोर्टफोलियो पीएमएस (Green Portfolio PMS) के फाउंडर दिवम शर्मा का मानना है कि यह मान लेना बहुत सही नहीं होगा कि प्राइमरी मार्केट 2023 के बाकी बचे भाग में भी उतना ही गर्म रहेगा जितना पहली छमाही में था। पहली छमाही में भारत एक्सचेंजों पर 80 कंपनियों की लिस्टिंग के साथ आईपीओ के लिहाज से दुनिया में टॉप पर था। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में सिर्फ 60 आईपीओ लिस्ट हुए ये। यह बाजार की तेजी की भावनाओं का एक स्पष्ट संकेत है।

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट का 15 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले शर्मा का कहना है कि सेबी ने 50000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। लेकिन इसमें कितने आईपीओ वास्तव में बाजार में आते हैं ये मार्केट सेंटीमेंट पर निर्भर करेगा। बाजार में अब तक शानदार तेजी देखने को मिली। बाजार अब तक तमाम पॉजिटिव फैक्टर्स के असर को पचा भी चुका है। ऐसे में बाजार में लगातार 5 सालों तक इसी तरह की तेजी बनी रहेगी ये अतिआशावाद है। ऐसे में साल के बाकी बचे भाग में आईपीओ की गति थोड़ी धीमी पड़ने की उम्मीद है।

मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में दिवम ने आगे कहा कि अबतक काफी पिटाई सह चुके आईटी स्टॉक का हालत ठीक होने में अभी थोड़ा समय और लगेगा। आईटी कंपनियों के मुख्य बाजार अमेरिका और यूरोप में सुस्ती देखने को मिल रही है जिसकी मार अभी भी आईटी कंपनियों पर पड़ रही है। दिवम का ये भी मानना है कि आगे एफएमसीजी कंपनियों में हल्की ग्रोथ ही देखने को मिलेगी।

पहली तिमाही के नतीजों पर दिवम की राय

सब समाचार

+ और भी पढ़ें