मार्केट आउटलुक: मार्केट ब्रेड्थ से मिल रहे कंसोलीडेशन के संकेत, लेकिन लंबी अवधि में तेजी आने के संकेत कायम

Market Outlook : एडवांस टू डिक्लाइन रेशियो में गिरावट का रुझान बाजार की गति खोने का संकेत हो सकता है। हालांकि, इतनी मजबूत रैली के बाद यह एक स्वस्थ और स्वाभाविक प्रक्रिया है। अगर बाजार हालिया तेजी को पचाने के लिए वर्तमान लेवल के आसपास कंसोलीडेट होता है तो इसके बाद ये नई तेजी के लिए तैयार होगा। उम्मीद है कि बाजार में मौजूदा स्तरों से 5-8 फीसदी की गिरावट आएगी

अपडेटेड Jul 29, 2023 पर 10:05 AM
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Market Outlook : सेंसेक्स और निफ्टी एक साल की आगे की कमाई के 19.5-20 गुना के वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जो उनके दीर्घकालिक औसत वैल्यूशन से 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है

Market Outlook : बढ़ते शेयरों की संख्या की तुलना गिरते शेयरों से करने वाला एवरेज एडवांस टू डिक्लाइन रेशियो जुलाई में अब तक चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। ये एक मजबूत रैली के बाद बाजार में कंसोलीडेश के दौर का संकेत है। जुलाई में अब तक एडवांस टू डिक्लाइन रेशियो 1.05 गुना रहा है। जून में यह अनुपात 1.14 गुना था, जबकि मई में यह 1.08 गुना था। अप्रैल में यह रेशियो 1.41 गुना के हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गया था। इसके पहले यह लेवल आखिरी बार मई 2021 के बाद देखने को मिला था। तब से इसमें गिरावट शुरू हुई। लेकिन अब ये लगातार चौथे महीने 1 के स्तर से ऊपर रहा है। हालांकि बाजार जानकारों की राय है कि बाजार में लंबी अवधि के नजरिए से तेजी का ट्रेंड बरकरार है।

बाजार जानकारों का कहना है कि मल्टी ईयर ग्रोथ साइकिल और अगले कुछ वर्षों में कॉर्पोरेट मुनाफे में बढ़त की उम्मीद की चलते लंबी अवधि के नजरिए से बाजार का ग्रोथ आउटलुक अच्छा बना हुआ है।

बाजार में मौजूदा स्तरों से 5-8 फीसदी की गिरावट मुमकिन


बीएनपी पारिबा (शेयरखान) के गौरव दुआ का कहना है कि एडवांस टू डिक्लाइन रेशियो में गिरावट का रुझान बाजार की गति खोने का संकेत हो सकता है। हालांकि, इतनी मजबूत रैली के बाद यह एक स्वस्थ और स्वाभाविक प्रक्रिया है। अगर बाजार हालिया तेजी को पचाने के लिए वर्तमान लेवल के आसपास कंसोलीडेट होता है तो इसके बाद ये नई तेजी के लिए तैयार होगा। गौरव दुआ ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बाजार में मौजूदा स्तरों से 5-8 फीसदी की गिरावट आएगी।

गौरतलब है कि भारतीय फ्लैगशिप इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी पिछले चार महीनों में 16 प्रतिशत से ज्यादा बढ़े हैं, जबकि बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 28 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।

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लंबी अवधि का आउटलुक शानदार

सेंसेक्स और निफ्टी एक साल की आगे की कमाई के 19.5-20 गुना के वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जो उनके दीर्घकालिक औसत वैल्यूशन से 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दिखा रहा है। इन स्तरों पर, इंडेक्स को अब सस्ता या कम वैल्यूएशन वाला नहीं माना जा सकता है। जानकारों का कहना है कि इसके बवाजूद निवेशक लंबी अवधि के लिए भारतीय बाजार पर तेजी का नजरिया बनाए हुए हैं। हालांकि, उन्हें शॉर्ट टर्म में बाजार में भारी उटापटक की भी आशंका है। इस अवधि के दौरान हमें निवेशक बाजार के कुछ पॉकेट्स में मुनाफावसूली करते नजर आ सकते हैं।

निवेशकों को अच्छे एंट्री प्वाइंट का इंतजार

आनंद राठी के राजेश कुमार जैन का कहना है कि तिमाही नतीजे आने शुरू हो गए हैं। अब बाजार आगामी तिमाही और आगे के नजरिए के लिए कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजरें बनाए रहेंगे। मौजूदा स्तरों से, बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और रियल एस्टेट सहायक कंपनियों के चुनिंदा स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

बाजार जानकारों का कहना है कि अब नए हाई के करीब निवेशक सावधानी का रुख अपना रहे हैं। गौरव दुआ का कहना है कि निवेशकों की सतर्कता बरतने की इस नीति से पता चलता है कि उनके पास अच्छी खासी मात्रा में नकदी पड़ी हुई है। निवेशक बाजार में एंट्री करने के लिए बेहतर एंट्री प्वाइंट का इंतजार कर रहे हैं। निवेशकों के पास निष्क्रिय पड़ी ये नकदी बाजार में आने वाली किसी गिरावट में नई खरीदारी को ट्रिगर करती दिखेगी।

 

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