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Gensol Engineering, Gensol EV को IREDA से बड़ा झटका, फ्रॉड घोषित किए गए अकाउंट

जेनसोल इंजीनियरिंग पर पैसों को डायवर्ट करने, कर्ज का गलत इस्तेमाल करने और संबंधित पक्षों के माध्यम से अपने स्टॉक में ट्रेड को फाइनेंस करने का आरोप है। प्रमोटर ब्रदर्स अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी पर SEBI की रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 11, 2026 पर 11:16 AM
Gensol Engineering, Gensol EV को IREDA से बड़ा झटका, फ्रॉड घोषित किए गए अकाउंट
IREDA ने कहा कि जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड को धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार माना गया है।

सरकारी कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने जेनसोल इंजीनियरिंग और उसकी सब्सिडियरी जेनसोल EV लीज के लोन अकाउंट्स को धोखाधड़ी वाला यानि कि फ्रॉड घोषित कर दिया है। कंपनी ने रेगुलेटरी नियमों के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को इस मामले की जानकारी दी है। कंपनी ने शेयर बाजारों को एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह कार्रवाई नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) में फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट से जुड़े RBI के निर्देशों के तहत की गई है।

IREDA ने कहा कि जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड को धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार माना गया है। कंपनी ने फंड का गलत इस्तेमाल किया, भरोसे को आपराधिक रूप से तोड़ा और धोखाधड़ी करने के इरादे से नकली डॉक्युमेंट या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स बनाकर जालसाजी की।

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग के अकाउंट में बकाया रकम ₹453.77 करोड़ थी, जिसके लिए IREDA ने 31 मार्च, 2026 तक 85% प्रोविजनिंग की थी। लेंडर ने जेनसोल इंजीनियरिंग की सब्सिडियरी, जेनसोल EV लीज लिमिटेड के अकाउंट को भी फंड के गलत इस्तेमाल और भरोसे के आपराधिक उल्लंघन के कारण धोखाधड़ी वाला घोषित किया है। जेनसोल EV लीज के अकाउंट में बकाया रकम ₹218.97 करोड़ थी, जिसके लिए 31 मार्च, 2026 तक 85% प्रोविजनिंग की गई थी।

क्या है जेनसोल का मामला

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