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IRFC Q3 results : FY26 का टारगेट सिर्फ नौ महीनों में हासिल किया, मार्जिन में हुआ सुधार

IRFC Q3 results : IRFC ने अपने पूरे साल के सैंक्शन गाइडेंस को हासिल कर लिया है। उसने यह भी कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए डिस्बर्समेंट का लक्ष्य भी ट्रैक पर है और पहले नौ महीनों में ही टारगेट का तीन-चौथाई हिस्सा हासिल कर लिया गया है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 4:58 PM
IRFC Q3 results : FY26 का टारगेट सिर्फ नौ महीनों में हासिल किया, मार्जिन में हुआ सुधार
IRFC outlook : IRFC के CMD ने कहा कि कंपनी मल्टीलेटरल एजेंसियों के साथ को-फाइनेंसिंग के मौके तलाश रही है, रेल से जुड़े प्रोजेक्ट्स की रीफाइनेंसिंग कर रही है और मेट्रो रेल, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में विस्तार पर फोकस कर रही है

IRFC Q3 results : सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRFC) ने सोमवार, 19 जनवरी को जानकारी दी है कि उसने फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में ही 60,000 करोड़ रुपए के पूरे साल के सैंक्शन गाइडेंस को हासिल कर लिया है। IRFC ने यह जानकारी अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों के साथ दी है। इस अवधि में कपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 10.5% बढ़कर 1,802 करोड़ रुपए पर रहा है, जो कंपनी के मुताबिक कंपनी का अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही मुनाफा है।

हालांकि, इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के 6,763 करोड़ रुपए से 1.5% कम होकर 6,661 करोड़ रुपए पर रहा है। कंपनी की टॉपलाइन में यह गिरावट रेल मंत्रालय द्वारा एक प्रोजेक्ट लीज एग्रीमेंट पर लगाई गई रोक को एक साल बढ़ाने के कारण हुई, जिसका असर इस अवधि में रेवेन्यू पर पड़ा है।

IRFC के CMD मनोज कुमार दुबे ने कहा "कंपनी का इस साल का 30,000 करोड़ रुपए के डिस्बर्समेंट का टारगेट सही ट्रैक पर है और Q3 के आखिर तक लगभग तीन-चौथाई रकम पहले ही बांटी जा चुकी है।"

रेलवे से नया बिजनेस न मिलने के बावजूद, तिमाही के आखिर में मैनेज किए जा रहे एसेट्स बढ़कर रिकॉर्ड 4.75 लाख करोड़ रुपए पर रहे हैं। कंपनी ने अपना "ज़ीरो NPA" स्टेटस भी बनाए रखा है।

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