Reliance AGM 2024: रिलायंस AGM में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रिलायंस ग्रुप के विस्तार का रोडमैप सामने रखा। भारत को टेक नेशन बनाने और निवेशकों के हित में बड़े फैसले हुए हैं। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने निवेशकों को 1 पर 1 शेयर देने पर विचार करने की बात कही। भारत में AI के विस्तार पर फोकस बढ़ाने का एलान भी किया है। मुकेश अंबानी ने कहा कि वो भारत को डीप टेक नेशन बनाना चाहते हैं।
साथ ही रिलांयस रिटेल को लेकर ईशा अंबानी पीरामल ने कहा कि रिटेल का बिजनेस 3 से 4 साल में दोगुना हो जाएगा। रिलायंस रिटेल स्टोर्स के मामले में दुनिया की टॉप 5 कंपनियों में शुमार हो गया है। रिलायंस रिटेल के बारे में ईशा अंबानी पीरामल ने आज कई बड़े एलान किए हैं। उन्होंने कहा कि दो से चार साल में रिलांयस रिटेल में दोगुना से ज्यादा ग्रोथ देखने को मिलेगी। आज 29 अगस्त को हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की 47वीं एजीएम में ईशा अंबानी कहा कि JUST DIAL के जरिए SME कारोबार मजबूत हुआ है। AJIO ऑनलाइन फैशन सेगमेंट को लीड कर रहा है। कंपनी के इमर्जिंग कारोबार में बेहतर ग्रोथ दिख रही है। मेट्रो कैश एंड कैरी के अधिग्रहण से कारोबार का विस्तार हुआ है।
कंपनी के 40 लाख किराना पार्टनर्स की 200 शहरों में मौजूदगी है। अब तक 40 लाख किराना पार्टनर जोड़े गए हैं। SMART POINTS को 1300 शहरों तक पहुंचाया गया है। RRVL (रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिडेड) के कुल 30 करोड़ ग्राहक हो गए हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 में 1840 नए स्टोर खोले हैं। वित्त वर्ष 2024 में RRVL का रेवेन्यू 3.06 लाख करोड़ रुपए रहा है।
वहीं आकाश अंबानी ने दिवाली से AI क्लाउड सर्विस शुरू करने का एलान किया। 100GB तक फ्री क्लाउड स्टोरेज और JIO HOME को लेकर भी कई बड़े एलान हुए हैं। जियो की टीवी सर्विसेज भी अब बेहतर होने जा रही हैं। AGM के दौरान आकाश अंबानी ने बताया कि AI के इंटिग्रेशन से अब जियो टीवी पूरी तरह से बदलने जा रहा है।
उधर आज नीता अंबानी ने विकसित भारत के लिए स्वदेश की पहल पर जोर दिया। उन्होने कहा कि स्वदेश भारत के कारीगरों के लिए उन्नत जीवन की एक कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि रिलायंस फाउंडेशन के जरिए छात्रों को मदद देंगे। करीब 25 करोड़ स्कूली बच्चों की मदद दी जाएगी। उन्होंने का स्वदेश उनके दिल के बेहद करीब है। स्वदेश देश की संस्कृति से जुड़ा हुआ है।स्वदेश के जरिए मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके जरिए पारंपरिक हथकरघा से जुड़े लोगों को मदद की जाएगी। AI के जरिए सस्ती मेडिकल सेवाएं देने पर फोकस होगा। पिछले साल 10 लाख मरीजों की सेवा की गई है। 10 लाख मरीजों में से 10,000 बच्चे थे।