आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL Tech के शेयरों में आज 9 दिसंबर को भारी बिकवाली की दबाव दिख रहा है। एचसीएल के मैनेजमेंट का मानना है कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रेवेन्यू पूर्व के अनुमानों के विपरीत धीमी गति से बढ़ेगा। इसके चलते शेयरों में धड़ाधड़ बिकवाली शुरू हो गई और आज यह सेंसेक्स का टॉप लूजर्स है। इसके शेयर बीएसई पर इंट्रा-डे में 7 फीसदी से अधिक टूटकर 1021.65 रुपये के भाव (HCL Tech Share Price) पर फिसल गए थे।
क्या है HCL Tech के मैनेजमेंट का आकलन
गुरुवार को न्यूयॉर्क में इंवेस्टर डे के मौके पर एचसीएल ने कहा कि कांस्टैंट करेंसी टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ सालाना आधार पर 13.5-14.5 फीसदी के लोअर एंड पर दिख रहा है यानी कि रेवेन्यू 13.5 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। मैनेजमेंट के मुताबिक बजट के कम खर्च की संभावना दिख रही है जिससे दिसंबर 2022 तिमाही का रेवेन्यू प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा मैनेजमेंट को अगले वित्त वर्ष 2023-24 में भी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद नहीं दिख रही है और प्राइसिंग दबाव दिख सकता है।
ब्रोकरेज फर्म का क्या है कहना
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि दिसंबर तिमाही में अनुमान से अधिक छुट्टियां रह सकती हैं और इससे सबसे अधिक BFSI (Banking, Financial Services and Insurance) और हाई-टेक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि घरेलू ब्रोकरेज फर्म Nirmal Bang के मुताबिक यह तो एचसीएल की बजाय पूरी इंडस्ट्री की समस्या है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा था कि दिसंबर 2022 और मार्च 2022 पूरी इंडस्ट्री के लिए चुनौतियों भरी है।
सितंबर तिमाही में एचसीएल का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7.05 फीसदी बढ़कर 3489 करोड़ रुपये और ऑपरेशनल रेवेन्यू 19.5 फीसदी उछलकर 24686 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एचसीएल के लिए जुलाई-सितंबर 2022 एनालिस्ट्स के अनुमान से कहीं अधिक बेहतर रही। इसके चलते पिछली तिमाही इसकी रेटिंग अपग्रेड हुई और बॉय कॉल 28 से बढ़कर 33 हो गई और सेल कॉल 6 से घटकर 3 रह गई।
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