IT शेयर नई उड़ान के लिए हो रहे तैयार, बाजार में किसी बड़े करेक्शन का डर नहीं: मिलन वैष्णव

मिलन ने कहा कि सेंसेक्स को 65000 के पार जाने के लिए 63600 के स्तर के ऊपर एक बड़ा ब्रेकआउट देने की जरूरत होगी। जहां तक किसी बड़े करेक्शन का सवाल है तो ऐसा लगता कि बाजार में इस स्तर से आगे जाने से पहले कोई बड़ा करेक्शन तो नहीं लेकिन कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। इस समय कई ऐसी परेशानियां दिख रही हैं जो इंडेक्स को मजबूत ब्रेकआउट देने से रोक रही हैं। बाजार की तेजी व्यापक नहीं है

अपडेटेड Jun 21, 2023 पर 4:14 PM
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अगर बाजार में अगली तेजी आनी है तो इसके लिए बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की भागीदारी बहुत जरूरी होगी
     
     
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    आखिरकार बीएसई सेंसेक्स ने 21 जून को 63583 के स्तर पर स्थित अपने पिछले रिकॉर्ड हाई को पार कर लिया। लेकिन 65000 के स्तर को पार करने के लिए इसको 63600 के ऊपर जाकर एक मजबूत ब्रेकआउट देना होगा। ये बात जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड एडवाइजरी सर्विस (Gemstone Equity Research and Advisory Service) के मिलन वैष्णव ने कही है। उन्हें लगता है कि सेंसेक्स को 65000 का स्तर हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। सेंसेक्स को ये स्तर हासिल करने के लिए तीन फैक्टर्स से सपोर्ट की जरूरत होगी। कैपिटल मार्केट का 2 दशकों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले मिलन का मानना है कि आईटी शेयर अगले चरण की तेजी के लिए दम भर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में आईटी शेयर ब्रॉडर मार्केट की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

    बड़ा करेक्शन तो नहीं लेकिन कुछ कंसोलीडेशन मुमकिन

    क्या आपको लगता है कि किसी बड़े करेक्शन से पहले सेंसेक्स 65000 के स्तर को पार कर जाएगा? इस सवाल का जवाब देते हुए मिलन में कहा कि सेंसेक्स को 65000 के पार जाने के लिए 63600 के स्तर के ऊपर एक बड़ा ब्रेकआउट देने की जरूरत होगी। जहां तक किसी बड़े करेक्शन का सवाल है तो ऐसा लगता कि बाजार के इस स्तर से आगे जाने से पहले कोई बड़ा करेक्शन तो नहीं लेकिन कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है।


    इस समय कई ऐसी परेशानियां दिख रही हैं जो इंडेक्स को मजबूत ब्रेकआउट देने से रोक रही हैं। बाजार की तेजी व्यापक नहीं है। यानी सभी सेक्टरों और स्पेस के शेयर इस तेजी में भागीदारी नहीं कर रहे हैं। बाजार में किसी बड़ी तेजी के लिए मार्केट ब्रेड्थ मजबूत होनी चाहिए। वर्तमान में मार्केट ब्रेड्थ कमजोर है। दूसरी बात ये है कि VIX काफी निचले स्तर पर है। ऐसे में बाजार में कभी में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। तीसरी समस्या ये है कि बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स का प्रदर्शन तुलनात्मक रुप से कमजोर है जिसके चलते बाजार की तेजी को ब्रेक लग जा रहा है। जब तक ये तीनों फैक्टर पॉजिटिव नहीं होते तब तक सेंसेक्स किसी मजबूत और टिकाऊ ब्रेकआउट के लिए संघर्ष करता नजर आएगा।

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    उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि अगर बाजार में अगली तेजी आनी है तो इसके लिए बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की भागीदारी बहुत जरूरी होगी। इसके अलावा उम्मीद है कि इस तेजी में ऑटो, आईटी, एनर्जी और एफएमसीजी और दूसरे खपत वाले शेयर भी अच्छी भागीदारी करते दिखेंगे।

    बैंक निफ्टी के लिए 44200-44500 का जोन काफी अहम

    क्या बैंक निफ्टी को 45000 का स्तर पार करने से पहले बहुत संघर्ष करना पड़ेगा? इस पर मिलन वैष्णव ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए 44200-44500 का जोन काफी अहम है न कि 45000 का स्तर। अगर बैंक निफ्टी 44200-44500 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है तभी इसमें और तेजी देखने को मिलेगी।

    तीन पसंदीदा लार्जकैप स्टॉक जिनपर आप दांव लगाना चाहेंगे? इस पर बात करते हुए मिलन ने कहा कि वर्तमान मार्केट कंडीशन में उन्हें टीसीएस, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और मारुति सुजुकी अच्छे लग रहे हैं।

     

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