IT Stocks Crash: आईटी कंपनियों के शेयरों के लिए फरवरी का महीना बेहद बुरा साबित होता दिख रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स इस महीने अब तक 20% से ज्यादा गिर चुका है और अभी महीना खत्म होने में कुछ दिन बाकी हैं। यह गिरावट सितंबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मंथली गिरावट बनती दिख रही है। सितंबर 2008 वही समय था जब ग्लोबल वित्तीय संकट की शुरुआत हुई थी।
साल की शुरुआत से अब तक इंडेक्स के सभी 10 शेयर 10% से ज्यादा टूट चुके हैं। इनमें से 6 शेयर केवल दो महीनों में 20% से ज्यादा गिर चुके हैं।
आईटी इंडेक्स में इस साल दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन विप्रो का रहा है। इसका शेयर करीब 23.5% गिर चुका है। 2022 के बाद यह भी इसका सबसे खराब साल माना जा रहा है। 2022 में विप्रो के शेयरों में 45% की गिरावट आई थी। विप्रो को कवर करने वाले 47 में से सिर्फ 10 एनालिस्ट ही इसे “खरीदने” की सलाह दे रहे हैं। अनुमान है कि मौजूदा स्तर से इसमें करीब 29% तक की बढ़त की संभावना है।
परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems)
मिडकैप आईटी सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन करने वाले शेयरों में गिने जाने के बावजूद, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर इस साल अब तक 23.5% गिर चुका है। इससे पहले इतनी बड़ी गिरावट 2011 में देखी गई थी, जब शेयर 23.5% नीचे गया था। इस शेयर को कवर करने वाले 43 में से 25 एनालिस्ट अब भी इसे “खरीदने” की सलाह दे रहे हैं। उनके औसत लक्ष्य भाव के अनुसार, मौजूदा स्तर से इसमें करीब 39% तक की तेजी की संभावना है।
एलटीआईमाइंडट्री (LTIMindtree)
आईटी सेक्टर का एक और शेयर, एलटीआईमाइंडट्री, साल के पहले दो महीनों में ही 20% से ज्यादा गिर चुका है। इस साल अब तक इसमें करीब 22.5% की गिरावट आ चुकी है। इससे पहले 2022 में यह शेयर 40% से ज्यादा टूट गया था। इस शेयर को कवर करने वाले 44 में से 22 एनालिस्ट अब भी इसे “खरीदने” की सलाह दे रहे हैं। उनके औसत टारगेट प्राइस के अनुसार, मौजूदा स्तर से इसमें करीब 36% तक की तेजी की संभावना है।
देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी इंफोसिस का शेयर इस साल के पहले दो महीनों में अब तक करीब 20% गिर चुका है। 2008 के बाद यह इसका सबसे खराब साल माना जा रहा है। उस समय 2008 में शेयर में 37% की गिरावट आई थी। इस शेयर को कवर करने वाले 52 में से 37 एनालिस्ट अब भी इसे “खरीदने” की सलाह दे रहे हैं। उनके औसत टारगेट प्राइस के मुताबिक, मौजूदा स्तर से इसमें करीब 37% तक की तेजी की संभावना है।
निफ्टी आईटी इंडेक्स में बाकी गिरने वाले शेयरों में एमफैसिस शामिल है, जो करीब 20% नीचे है। टीसीएस में लगभग 19% की गिरावट आई है, जबकि HCL टेक करीब 16% टूटा है। ओरेकल फाइनेंशियल में लगभग 15% की कमजोरी देखी गई है और टेक महिंद्रा करीब 12% गिरा है। यानी इस साल आईटी सेक्टर के अधिकतर बड़े शेयरों में दबाव देखने को मिल रहा है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि AI से जुड़ी चिंताओं और वैल्यूएशन डी-रेटिंग ने सेक्टर पर दबाव बनाया है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या AI से जुड़ी चिंताएं वास्तविक रेवेन्यू पर असर डालती हैं या यह गिरावट एक ओवररिएक्शन साबित होती है। फिलहाल आईटी सेक्टर भारी अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है।
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