Trump's Tariff Impact: इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स सहित आईटी कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसकी वजह ये रही कि निवेशक बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के "लिबरेशन डे" से पहले सतर्क नजर आये। अमेरिका से "पारस्परिक (reciprocal)" टैरिफ लागू किये जाने की उम्मीद है। इसके बारे में ट्रंप का दावा है कि यह अमेरिकी वस्तुओं पर अन्य देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक बोझ के अनरूप है। हालांकि, इसके विवरण अस्पष्ट है, जिससे वैश्विक बाजारों में वोलैटिलिटी देखने को मिल रही है।
गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि ट्रंप औसतन 15 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगा सकते हैं। इससे वैश्विक ट्रेड फ्लो प्रभावित हो सकता है। निवेश बैंक ने अपने आर्थिक अनुमानों को भी संशोधित किया है। इसमें अगले वर्ष अमेरिका में मंदी की आशंका पहले के 20 प्रतिशत के अनुमान से बढ़कर 35 प्रतिशत हो गई है।
टैरिफ अनुमान से कम रहा तो क्या होगा असर
बाजार एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि यदि घोषित टैरिफ अनुमान से कम हैं, तो बाजार में उछाल देखने को मिल सकता है, खासकर आईटी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे निर्यात-संचालित सेक्टर्स में उछाल नजर आ सकता है।
हालांकि, जियोजित फाइनेंशियल के वी के विजयकुमार ने कहा कि टैरिफ के कठोर कदमों से सेलिंग प्रेस्सर की एक और लहर शुरू हो सकती है।
निफ्टी आईटी इंडेक्स इंट्राडे ट्रेड में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई। जिसमें सभी 10 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आये। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने गिरावट का नेतृत्व किया। ये एनएसई पर 4.5 प्रतिशत गिरकर 5,262 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे लो पर आ गया। शेयर लगातार दो सत्रों से दबाव में नजर आ रहा है।
ये शेयर 2 से 3 परसेंट तक टूटे
इन्फोसिस 3.36 प्रतिशत गिरकर 1,517.85 रुपये प्रति शेयर पर आ गया। आज ये स्टॉक 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुला।
कोफोर्ज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एलटीआईमाइंडट्री सहित अन्य आईटी प्रमुख कंपनियों में क्रमशः 2.76 प्रतिशत, 2.78 प्रतिशत और 2.65 प्रतिशत की गिरावट आई। दिग्गज टीसीएस और विप्रो में भी 2 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
WealthMills की क्राति बाथिनी ने यह मानने के खिलाफ सतर्क किया कि भारतीय आईटी कंपनियां ट्रेड टेंशन से अछूती हैं। उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका व्यापार प्रतिबंधों को बढ़ाता है, तो प्रमुख ग्राहकों के खर्च पर असर पड़ सकता है। जिससे इन्फोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों पर दबाव पड़ सकता है।"
नुवामा रिसर्च ने आईटी सेक्टर को डाउनग्रेड कर दिया है। इसमें अधिक वैल्यूएशन और धीमी ग्रोथ की चिंताओं का हवाला दिया गया है।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)