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IT स्टॉक्स में बड़ी हलचल! CLSA ने इन 8 कंपनियों के घटाए टारगेट; लेकिन लॉन्ग टर्म में बताया मौका

IT Stocks: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए (CLSA) ने आईटी सेक्टर के 8 दिग्गज शेयरों के टारगेट प्राइस में कटौती की है। लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट भी है! ब्रोकरेज का मानना है कि शॉर्ट-टर्म दबाव के बावजूद आईटी सेक्टर में रिकवरी के मजबूत संकेत हैं और इनमें से कई शेयरों पर दांव भी लगाया जा सकता है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Feb 24, 2026 पर 9:48 AM
IT स्टॉक्स में बड़ी हलचल! CLSA ने इन 8 कंपनियों के घटाए टारगेट; लेकिन लॉन्ग टर्म में बताया मौका
IT Stocks: लार्जकैप आईटी शेयरों में CLSA को टेक महिंद्रा और इंफोसिस पसंद हैं

IT Stocks: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए (CLSA) ने आईटी सेक्टर के 8 दिग्गज शेयरों के टारगेट प्राइस में कटौती की है। लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट भी है! ब्रोकरेज का मानना है कि शॉर्ट-टर्म दबाव के बावजूद आईटी सेक्टर में रिकवरी के मजबूत संकेत हैं और इनमें से कई शेयरों पर दांव भी लगाया जा सकता है। CLSA ने जिन आईटी कंपनियों के टारगेट प्राइस घटाए हैं, उनमें कोफोर्ज, एचसीएल टेक, इंफोसिस, एलटीआईमाइंडट्री, परसिस्टेंट सिस्टम्स, टीसीएस, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल हैं।

हालांकि टारगेट प्राइस घटाए गए हैं, लेकिन CLSA ने ज्यादातर कंपनियों पर अपनी “Outperform” रेटिंग बरकरार रखी है। सिर्फ विप्रो (Wipro) के शेयर पर ब्रोकरेज ने “होल्ड” की रेटिंग दी है। दूसरी ओर, परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) और कोफोर्ज (Coforge) को इसने “हाई-कन्विक्शन आउटपरफॉर्म” की कैटेगरी में रखा गया है।

क्यों घटाए गए टारगेट?

CLSA के मुताबिक, अगर रुपये में टर्मिनल ग्रोथ 5% मान ली जाए तो इन शेयरों में 5% से 10% तक और गिरावट की संभावना हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर हर साल रुपये में 2% की कमजोरी मानें, तो 5% टर्मिनल ग्रोथ का मतलब है कि कंपनियों को कोई अतिरिक्त मार्केट शेयर नहीं मिल रहा है। यानी वैल्यूएशन पर दबाव बना रह सकता है।

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