घरेलू मार्केट में बिकवाली के दबाव के बीच आईटी शेयरों की चमक बढ़ी है। एक तरफ घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आधे फीसदी के करीब टूटे हैं तो दूसरी तरफ आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), एचसीएल टेक (HCL Tech) और विप्रो के शेयर 1 फीसदी तक उछल गए। इन शेयरों की तेजी के पीछे की वजह कॉग्निजेंट है। कॉग्निजेंट टेक सॉल्यूशंस अमेरिकी मार्केट में नास्डाक पर लिस्ट है और इसकी दिसंबर तिमाही मार्केट की उम्मीदों से बेहतर रही और इस साल 2025 में ग्रोथ आउटलुक भी मजबूत है तो घरेलू मार्केट में भी आईटी शेयरों को अच्छा सपोर्ट मिला।
Cognizant के नतीजे की खास बातें
पिछले साल 2024 की आखिरी तिमाही में कॉग्निजेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 6.7 फीसदी उछलकर $5.1 अरब पर पहुंच गया जो इसके ग्रोथ गाइडेंस का हायर एंड था। कंपनी की नेट इनकम भी इस दौरान 2.1 फसीदी उछलकर $55.8 करोड़ पर पहुंच गई लेकिन तिमाही आधार पर यह 4.1 फीसदी कम हुई है। क्षेत्रीय आधार पर बात करें तो कंपनी का उत्तरी अमेरिका में कारोबार सालाना आधार पर 8.4 फीसदी, यूरोप में 1.3 फीसदी और बाकी दुनिया में 3.9 फीसदी बढ़ा।
इंडस्ट्री वर्टिकल की बात करें तो हेल्थ साइंसेज 10.4 फीसदी, फाइनेंशियल सर्विसेजज 2.8 फीसदी, कम्यूनिकेशंस, मीडिया और टेक्नोलॉजी 0.4 फीसदी और प्रोडक्ट्स एंड रिसोर्सेज सेगमेंट 11.3 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा। दिसंबर तिमाही में सालान आधार पर इसकी नेट इनकम 2.1 फीसदी बढ़कर $55.8 करोड़ पर पहुंच गई लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 4.1 फीसदी की गिरावट आई।
कंपनी के सीईओ रवि कुमार एस के मुताबिक स्ट्रैटेजिक एग्जेक्यूशन और मजबूत डील पाइपलाइन से इसे सपोर्ट मिला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी के पास रिकॉर्ड 29 बड़े डील्स हैं। कंपनी को उम्मीद है कि डिस्क्रेशनरी आईटी स्पेंडिंग में इस साल अच्छी रिकवरी हो सकती है जिससे इसे अच्छे डील मिलेंगे। कंपनी के सीएफओ जतिन दलाल का कहना है कि इस साल शॉर्ट टर्म वर्क और लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स मिल सकते हैं। कंपनी का आउटलुक इस साल पॉजिटिव है। कॉग्निजेंट ने इस साल रेवेन्यू में कॉन्स्टैंट करेंसी के टर्म में 3.5-6 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया है जो पिछले साल 2024 में 1.9 फीसदी की ग्रोथ से काफी ऊपर है।