IT Stocks Sell-off : गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में IT शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है। इसकी मुख्य वजह OpenAI की हालिया घोषणा के बाद AI से होने वाले बदलावों को लेकर पैदा हुई चिंताएं रहीं। इसके अलावा,कमजोर ग्लोबल इकोनॉमिक इंडीकेटरों और कंपनियों द्वारा खर्च में बरती जा रही सावधानी का भी बाजार के सेंटिमेंट पर खराब असर पड़ा। बाजार जानकारों का कहना है कि OpenAI का एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी पर बढ़ता फोकस निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा रहा है।
लगभग 3 प्रतिशत टूटा निफ्टी आईटी इंडेक्स
आज Nifty IT इंडेक्स में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty में बढ़त देखने को मिल रही। इंडेक्सों में तेजी वजह वैल्यू बाइंग,कम होती वोलैटिलिटी और अमेरिका-चीन के बीच चल रही बातचीत को लेकर पॉजिटिव ग्लोबल संकेत रहे। आज के सेशन के दौरान Nifty IT इंडेक्स के सभी शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं। Persistent Systems सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में है,जिसमें 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। HCL Technologies और Tech Mahindra में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
Wipro, Tata Consultancy Services, Infosys और Coforge में भी 1-3 प्रतिशत की गिरावट आई है। Nifty IT इंडेक्स पिछले चार सत्रों में लगभग 8 प्रतिशत गिरा है। मंगलवार को इनमें बिकवाली और तेज हो गई। इस दिन Nifty IT इंडेक्स 3.7 प्रतिशत गिरकर मई 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट OpenAI द्वारा एक नई कंपनी शुरू करने की घोषणा के बाद आई। इस कंपनी को तमाम कंपनियों में AI बनाने और लागू करने में मदद करने के लिए 4 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश मिला है।
आईटी सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद
इस कमजोरी के बावजूद प्रूडेंट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के CEO प्रशस्त सेठ को इस सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद है। उनका कहना है कि भारतीय IT कंपनियों ने इसके पहले भी बड़े तकनीकी बदलावों के हिसाब से खुद को अच्छी तरह से ढाला है।
उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी IT इंडेक्स दिसंबर 2024 के अपने शिखर से पिछले 18 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत तक गिर चुका है। धीमी रेवेन्यू ग्रोथ,मार्जिन पर दबाव और ग्लोबल क्लाइंट्स द्वारा डिस्क्रिशनरी खर्च में कमी को लेकर बनी चिंताओं ने इस पर अपना असर दिखाया है। हालांकि,भारतीय IT कंपनियों ने पहले भी क्लाउड,ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे बड़े तकनीकी बदलावों के साथ खुद को अच्छी तरह से ढाला है।
AI की वजह से रेस में बने रहने के लिए आईटी कंपनियां करेंगी बदलाव
प्रशस्त सेठ का मानना है AI,दिग्गज आईटी कंपनियों को पूरी तरह से रेस से बाहर करने के बजाय, इनके डिलीवरी मॉडल्स को नया रूप देने और उत्पादकता में सुधार करने में सहायक होगा। कुल मिलाकर उनका मानना है कि AI भारतीय IT को खत्म नहीं करेगा,बल्कि इस बात की संभावना ज्यादा है कि यह इसे पुनर्गठित करेगा। इस प्रक्रिया में कर्मचारियों की संख्या पर आधारित मार्जिन को कम करना,सामान्य 'मैनेज्ड सर्विसेज़'को छोटा करना और ज्यादा वैल्यू वाले AI इंटीग्रेशन के काम की ओर रुख करने के लिए प्रेरित करना शामिल है।
आइटी शेयरों पर वैश्विक आर्थिक हालात का पड़ेगा असर
प्रशस्त सेठ ने आगे कहा कि अगर वैश्विक आर्थिक हालात (खासकर US बाजार में) और कमजोर होते हैं,तो इस सेक्टर में और गिरावट आ सकती है। बता दें कि भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई में US बाजार का काफी बड़ा योगदान होता है। भारत का 315 अरब डॉलर का IT सेक्टर,जिसकी अनुमानित वैल्यू लगभग 26.3 लाख करोड़ रुपये है,अपने रेवेन्यू का लगभग 57 प्रतिशत हिस्सा US बाजार से ही कमाता है।
प्रशस्त सेठ के मुताबिक आगे चलकर IT सेक्टर में सही स्टॉक का चुनाव और भी ज्यादा अहम हो जाएगा। जो कंपनियां AI-आधारित बदलावों को तेज़ी से अपनाएंगी, उन्हें संभवतः प्रीमियम वैल्यूएशन मिलेगा।
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