IT Stocks: क्या है एंथ्रोपिक का नया एआई टूल, जिसने दुनियाभर में आईटी शेयरों को जमीन पर ला पटका

एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स सॉफ्टेवेयर की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। आसान शब्दों में कहा जाए तो पहले जिन कई कामों के लिए अलग सॉफ्टेवयर सब्सक्रिप्शंस की जरूरत पड़ती थी, अब वे सभी काम सिंगल एआई आधारित इनवायरमेंट में पूरे किए जा सकेंगे

अपडेटेड Feb 04, 2026 पर 1:50 PM
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एंथ्रोपिक के इस टूल की खबर आने के बाद दुनियाभर में आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।

एंथ्रोपिक के नए एआई टूल ने भारत सहित दुनियाभर में आईटी कंपनियों के शेयरों को जमीन पर ला पटका है। एनालिस्ट्स ने इस एआई टूल को लेकर सतर्क किया है। यह टूल इतना पावरफुल है कि यह ज्यादातर उन कामों को कर सकता है, जो सॉफ्टवेयर कंपनियां करती हैं। इसे पूरे बिजनेस वर्कफ्लो को हैंडल करने के लिए डिजाइन किया गया है।

एंथ्रोपिक के नए टूल्स की क्या है खासियत?

Anthropic के नए वर्कप्लेस प्रोडक्टिविटी और ऑटोमेशन टूल्स के आ जाने से इनवेस्टर्स के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ट्रेडिशनल SaaS प्लेटफॉर्म्स अब जरूरी रह जाएंगे। एंथ्रोपिक के इस टूल में कई तरह के कॉम्प्लेक्स काम इंडिपेंडेंटली करने की क्षमता है। इस अपग्रेडेड सिस्टम में कई ऑटोमेशन प्लगइन दिए गए हैं, जो सिंपल एआई एसिस्टेंस के मुकाबले काफी एडवान्स्ड हैं।


Anthropic के नए टूल्स कौन-कौन काम कर सकते हैं?

इन वर्कप्लेस ऑटोमेशन टूल्स की वजह से सॉफ्टवेयर टूल्स के इस्तेमाल में एंप्लॉयीज को सपोर्ट करने की जगह एआई खुद पूरा ऑपरेशनल प्रोसेस पूरा कर सकता है। इनमें लीगल डॉक्युमेंट रिव्यूज, कंप्लांयस चेक, सेल्स प्लानिंग, मार्केटिंग कंपेन एनालिसिस, फाइनेंशियल रिकॉन्सिलेशन, डेटा विजुअलाइजेशन, एसक्यूएल-बेस्ड रिपोर्टिंग और एंटरप्राइज के हिसाब से डॉक्युमेंट सर्च शामिल हैं।

एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स का आईटी कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?

आसान शब्दों में कहा जाए तो पहले जिन कई कामों के लिए अलग सॉफ्टेवयर सब्सक्रिप्शंस की जरूरत पड़ती थी, अब वे सभी काम सिंगल एआई आधारित इनवायरमेंट में पूरे किए जा सकेंगे। इससे यह डर बढ़ा है कि कंपनियों की निर्भरता ट्रेडिशनल SaaS प्लेफॉर्म्स पर घट जाएगी। AI वर्कफ्लो इंजन उनकी जगह ले लेंगे।

अमेरिकी आईटी कंपनियों के शेयर गिरने से निवेशकों को कितना नुकसान?

एंथ्रोपिक के इस टूल की खबर आने के बाद दुनियाभर में आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बड़ी अमेरिकी सॉफ्टेवटर कंपनियों के शेयर 3 फरवरी को लुढ़क गए। इन शेयरों की कीमतें 6 फीसदी तक गिर गईं, जिससे इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू 285 अरब डॉलर क्रैश कर गई। इनवेस्टर्स का मानना है कि इस टूल का असर आईटी कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ेगा।

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भारत में टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक के शेयरों में कितनी गिरावट?

इधर इंडिया में 4 फरवरी को आईटी कंपनियों के शेयर क्रैश कर गए। निफ्टी आईटी इंडेक्स दोपहर 1:30 बजे 6.39 फीसदी गिरकर 36,143 पर चल रहा था। टीसीएस का शेयर करीब 7 फीसदी लुढ़क गया। इंफोसिस के शेयर में 7.64 फीसदी गिरावट आई। एचसीएल टेक का शेयर 4.26 फीसदी लुढ़क गया। एलटीआई माइंडट्री का शेयर 5.14 फीसदी फिसल गया।

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