ITC Hotels Demerger: आईटीसी के शेयर सोमवार 24 जुलाई को 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। कंपनी ने अपने होटल बिजनेस के डीमर्जर का ऐलान किया है। हालांकि यह इसे पूरी तरह से अलग नहीं कर रही है। नई कंपनी में आईटीसी के पास 40% हिस्सेदारी रहेगी। कंपनी के शेयरों में गिरावट बताया है, निवेशक होटल बिजनेस के पूर्ण विभाजन नहीं होने पर निराश है। बाजार को शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर विभाजन की उम्मीद थी। ITC ने अपनी डीमर्जर योजना के तहत, नई होटल कंपनी में 40 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखने और बाकी 60 प्रतिशत शेयरधारकों को बांटने का फैसला किया है।
एक एनालिस्ट्स ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “40 प्रतिशत होल्डिंग बरकरार रखने का कोई मतलब नहीं है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आईटीसी होटल बिजनेस में कोई और पूंजी नहीं लगाएगी। आईटीसी के शेयरधारकों को अभी भी निवेश के साथ रहना होगा, जिसकी वैल्यू अब होल्डिंग कंपनी में डिस्काउंट के कारण बाकी होल्डिंग की तुलना में कम होगी।"
आईटीसी के सभी बिजनेसों में होटल कारोबार कमजोर रहा है। ऐसे में बाजार डी-मर्जर को लेकर उत्साहित हैं। होटल कारोबार में काफी पूंजी की जरूरत होती है। ऐसे में इसने हमेशा ITC के दूसरे बिजनेसों की तुलना में पूंजी पर काफी कम रिटर्न दिया है। इसकी पूंजी पर प्री-टैक्स रिटर्न इसके दूसरे बिजनेसों की तुलना में सबसे कम 10 प्रतिशत था।
निवेशक डीमर्जर की संभावना को लेकर उत्साहित हैं क्योंकि उनके पास ITC के अधिक-रिटर्न वाले कारोबार के साथ बने रहने का विकल्प है, बिना किसी ऐसे बिजनेस में पैसा लगाए हुए, जिसका रिटर्न कमजोर है। आईटीसी का सिगरेट बिजनेस अपने पूंजी पर करीब 800 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न देता है।
वित्त वर्ष 2023 में ITC के होटल बिजनेस ने रेवेन्यू में 2,573 करोड़ रुपये और EBT (अर्निंग बिफोर टैक्स) में 540 करोड़ रुपये का योगदान दिया। ITC के कुल रेवेन्यू और प्रॉफिट में इसके होटल बिजनेस का योगदान 5 फीसदी से भी कम है। हालांकि ITC के कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च में इसका योगदान 20 प्रतिशत रहा। ITC के सभी बिजनेसों में होटल बिजनेस सबसे कम मुनाफे वाला बिजनेस था।
पिछले 10 सालों में, होटल बिजनेस का रेवेन्यू 9 प्रतिशत प्रति सालाना की दर से बढ़ा। वित्त वर्ष 2008 में 40 प्रतिशत के शिखर से EBIT मार्जिन वित्त वर्ष 2015 में घटकर 4 प्रतिशत हो गया और कोरोना महामारी के दौरान कारोबार घाटे में चला गया। खराब रिटर्न के बावजूद ITC ने अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर का लगभग 22 प्रतिशत इस कारोबार पर खर्च किया।