ITC Share Price: ब्रोकरेज फर्मों ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 4% चढ़ा, अब क्या करना चाहिए आपको
ITC Share Price: नोमुरा ने ITC की रेटिंग को 'रिड्यूस' से बढ़ाकर 'बाय' कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस 300 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि "सबसे बुरा दौर बीत चुका है" और स्टॉक का रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर हुआ है, क्योंकि सिगरेट का कारोबार हाल ही में टैक्स बढ़ने से आई रुकावट से उबर रहा है
ITC Share Price: नोमुरा ने ITC की रेटिंग को 'रिड्यूस' से बढ़ाकर 'बाय' कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस 300 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये कर दिया है।
ITC Share Price: आईटीसी के शेयर में सोमवार 3 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। ट्रेडिंग सेशन के दौरान NSE पर शेयर 3.81% फीसदी तक चढ़ा। यह FMCG स्टॉक आज ₹284.45 पर खुला, जबकि पिछले हफ़्ते शुक्रवार को यह ₹281 पर बंद हुआ था। 3 अगस्त को NSE पर इस स्टॉक ने ₹292.55 का इंट्राडे हाई (दिन का उच्चतम स्तर) छुआ। आइए डालते है इस स्टॉक पर एक नजर कि दिग्गज ब्रोकरेज क्या सलाह दे रहे हैं।
अब क्या करें निवेशक
मोतीलाल ओसवाल
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने ITC के शेयर पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹300 तय किया है। ब्रोकरेज फर्म ने एक नोट में कहा, "ITC टैक्स के असर को कम करने की कोशिश कर रही है (हाल ही में 30 नए SKU लॉन्च किए हैं), लेकिन टैक्स में भारी बढ़ोतरी और अवैध सिगरेट से मिलने वाली टक्कर को सामान्य होने में समय लगेगा। कीमतों में धीरे-धीरे की जाने वाली बढ़ोतरी का असर आने वाली तिमाहियों में सिगरेट के EBIT परफॉर्मेंस पर पड़ता रहेगा। हम ITC पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए हुए हैं और हमारा SoTP-आधारित टारगेट प्राइस ₹300 है (जो FY28E EPS का 18 गुना है)।"
JM फाइनेंशियल
वहीं, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने इस FMCG स्टॉक पर 'ऐड' (add) रेटिंग बनाए रखते हुए इसका टारगेट प्राइस घटाकर ₹325 कर दिया है।
फर्म ने कहा, "सिगरेट के EBIT में ज़्यादा गिरावट को ध्यान में रखते हुए, हम FY27E EPS में 7% की कटौती कर रहे हैं। यह स्टॉक FY27E/28E EPS के 19 गुना/17 गुना (लंबे समय के औसत से कम) पर ट्रेड कर रहा है और इसकी डिविडेंड यील्ड ~5% है, जिससे गिरावट की गुंजाइश कम हो जाती है, हम ₹320 (पहले ₹325) के टारगेट प्राइस के साथ 'ऐड' रेटिंग बनाए हुए हैं।"
नोमुरा
नोमुरा ने ITC की रेटिंग को 'रिड्यूस' से बढ़ाकर 'बाय' कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस 300 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि "सबसे बुरा दौर बीत चुका है" और स्टॉक का रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर हुआ है, क्योंकि सिगरेट का कारोबार हाल ही में टैक्स बढ़ने से आई रुकावट से उबर रहा है।
ब्रोकरेज ने कहा कि जून तिमाही में ITC के सिगरेट वॉल्यूम में सालाना आधार पर 5% की गिरावट आई, जो 10% से ज़्यादा की गिरावट के उसके और मार्केट के अनुमान से बेहतर थी। हालांकि, सिगरेट EBIT में सालाना आधार पर 35% की गिरावट आई, जो उम्मीद से ज़्यादा थी और हाल ही में टैक्स बढ़ने का असर दिखाती है।
नोमुरा का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी पर ग्राहकों की प्रतिक्रिया शुरू में सोचे गए अनुमान से कम गंभीर रही है और उसे उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में मुनाफ़े में लगातार सुधार होगा। ब्रोकरेज ने कहा, "मुनाफ़े पर सबसे बुरा असर पहली तिमाही में, और उसमें भी अप्रैल में पड़ा, जिसके बाद कीमतों में धीरे-धीरे की गई बढ़ोतरी की वजह से महीने-दर-महीने सुधार हुआ।"
कैसे रहे Q1FY27 नतीजे
जून तिमाही के लिए, ITC ने ₹16,908 करोड़ का रेवेन्यू बताया, जो एनालिस्ट के ₹17,362 करोड़ के अनुमान से कम था। EBITDA ₹4,514 करोड़ रहा, जो ₹4,966 करोड़ के अनुमान से कम था, जबकि EBITDA मार्जिन उम्मीद के 28.6% से घटकर 26.7% हो गया। नेट प्रॉफ़िट ₹3,579 करोड़ रहा, जबकि मार्केट का अनुमान ₹3,990 करोड़ था।
सिगरेट बिज़नेस में वॉल्यूम में 5-6% की गिरावट आई, जो 8-10% की गिरावट की उम्मीद से बेहतर थी। हालांकि, नेट रेवेन्यू में साल-दर-साल 25% की गिरावट आई और EBIT में 35% की कमी आई क्योंकि कंपनी ने टैक्स बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा खुद उठाया और कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की।
FMCG बिज़नेस में रेवेन्यू में 12% की बढ़ोतरी हुई, जबकि मार्जिन में 55 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ। पेपरबोर्ड बिज़नेस ने 9% रेवेन्यू ग्रोथ और EBIT में 38% की बढ़ोतरी के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। एग्री बिज़नेस दबाव में रहा, जिसमें वेस्ट एशिया में संघर्ष से जुड़ी दिक्कतों के कारण रेवेन्यू और EBIT में क्रमशः 17% और 18% की गिरावट आई।
मैनेजमेंट ने कहा कि उसने सिगरेट बिजनेस में अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने और मार्केट शेयर को बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नॉन-स्टेपल FMCG बिज़नेस में 16% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें नोटबुक और अन्य ज़रूरी न होने वाली कैटेगरी की मांग में सुधार का सहारा मिला।
ITC को कवर करने वाले 37 एनालिस्ट में से 17 ने 'बाय' रेटिंग दी है, 15 ने 'होल्ड' की सलाह दी है, जबकि पांच ने स्टॉक पर 'सेल' की सलाह दी है।
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