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Jewelry Stocks crash : इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से ज्वैलरी शेयर टूटे, 5% गिरावट के साथ वायदा का टॉप लूजर बना कल्याण ज्वैलर्स

Jewelry Stocks crash : कीमती धातुओं का आयात काफी महंगा होने और इस सेक्टर के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ने की उम्मीद है। इस खबर के चलते टाइटन कंपनी 0.43% फिसलकर 4,037.80 रुपये के आसपास दिख रहा है। जबकि सेंको गोल्ड 0.19% की गिरावट के साथ 312.15 रुपये पर के आसपास ट्रेड कर रहा है। PC ज्वेलर्स भी नुकसान में चला गया

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड May 13, 2026 पर 11:28 AM
Jewelry Stocks crash : इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से ज्वैलरी शेयर टूटे, 5% गिरावट के साथ वायदा का टॉप लूजर बना कल्याण ज्वैलर्स
Jewelry Stocks Crash : बुधवार को घरेलू बुलियन मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में तेज से उछाल आया है। सोने,चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी से इनकी कीमतों को बूस्ट मिला है

Jewelry Stocks crash : बुधवार, 13 मई के ट्रेडिंग सेशन में ज्वेलरी स्टॉक्स पर दबाव देखने को मिल रहा। वित्त मंत्रालय ने देर रात जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए सोने,चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी करने की जानकारी दी है। इसके चलते आज ज्वैलरी शेयरों में तेज गिरावट आई है। कल्याण ज्वैलर्स 5% गिरावट के साथ वायदा का टॉप लूजर बना है। ये शेयर तीन दिनों में करीब 20% फिसला है। साथ ही थंगामाइल और स्काई गोल्ड भी 4 से 5% फिसले हैं। हालांकि, गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में रौनक देखने को मिल रही है। मुथूट फाइनेंस और मण्पुरम 2% चढ़े हैं।

सरकार के इस कदम से कीमती धातुओं का आयात काफी महंगा होने और इस सेक्टर के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ने की उम्मीद है। इस खबर के चलते टाइटन कंपनी 0.43% फिसलकर 4,037.80 रुपये के आसपास दिख रहा है। जबकि सेंको गोल्ड 0.19% की गिरावट के साथ 312.15 रुपये पर के आसपास ट्रेड कर रहा है। PC ज्वेलर्स भी नुकसान में चला गया और 0.94% गिरकर 8.40 रुपये पर दिख रहा। इसके विपरीत, पीएन गाडगिल ज्वेलर्स 0.02% की मामूली बढ़त के साथ 627.40 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

आज,13 मई से लागू हुई नई ड्यूटी के तहत,सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है,जिससे प्रभावी आयात टैक्स पहले के 6% से बढ़कर 15% हो गया है। इस सर्कुलर में प्लैटिनम,ज्वेलरी के पुर्जे और कीमती धातुओं से जुड़े औद्योगिक आयात भी शामिल हैं।

इंपोर्ट ड्यूटी में यह बढ़ोतरी,मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौरान गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत हुई है।

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