Jio Financial Shares: जियो फाइनेंशियल का शेयर लगातार चौथे दिन 5% लुढ़का, जानें पैसिव फंड्स की ओर से कब रूकेगी बिकवाली?

Jio Financial Services Shares: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में गुरुवार 24 अगस्त को लगातार चौथे दिन 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा। सोमवार 21 अगस्त को इसकी स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग हुई थी और तब से इसमें गिरावट आ रही है। इस गिरावट का मुख्य कारण पैसिव फंड्स की ओर से बिकवाली है

अपडेटेड Aug 24, 2023 पर 6:05 PM
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Jio Financial Services को 24 अगस्त के बजाय 29 अगस्त को इंडेक्सों से हटाने की तैयारी है

Jio Financial Services Shares: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में गुरुवार 24 अगस्त को लगातार चौथे दिन 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा। सोमवार 21 अगस्त को इसकी स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग हुई थी और तब से इसमें गिरावट आ रही है। इस गिरावट का मुख्य कारण पैसिव फंड्स की ओर से बिकवाली है। जियो फाइनेंशियल के निफ्टी और सेंसेक्स से बाहर निकलने से पहले ही पैसिव फंड इसके शेयर बेच रहे हैं। पैसिव फंड की बिकवाली क्या है? यह कब खत्म होगी और आपको इस समय क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं-

पैसिव फंड क्या होता है?

ये वे फंड्स होते हैं, जो निफ्टी और सेंसेक्स जैसे मार्केट इंडेक्स की नकल करते हैं और इन्हें एक्टिविली मैनेज नहीं किया जाता है। जियो फाइनेंशियल के मामले में, सेंसेक्स-30 और निफ्टी-50 की नकल करने वाले कई पैसिव इंडेक्स फंडों के पास इसके शेयर मौजूद हैं।

इनके पास जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर क्यों हैं?


इन सभी फंड्स के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर पहले से था, जो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्सों का हिस्सा है। ऐसे में रिलायंस के शेयरधारकों को जब डीमर्जर के तहत जियो फाइनेंशियल के शेयर मिले, तो पैसिव फंड्स के पास भी अपने Jio फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर चले गए। NSE ने मार्च 2023 में जारी एक सर्कुलर में कहा था कि, जब इंडेक्स में शामिल कोई स्टॉक डीमर्जर से गुजरता है, तो उससे अलग होकर बनने वाली कंपनी भी इंडेक्स का हिस्सा बन जाएगी जब तक कि इसे अलग से सूचीबद्ध न कराया जाए।

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तो पैसिव फंड इसके शेयर क्यों बचेंगे?

अलग लिस्टिंग के बाद, नई कंपनी 3 दिनों तक इंडेक्सों में बनी रहेगी, जिसके बाद इसे हटा दिया जाएगा। हालांकि, अगर यह पहले दो दिनों में अपने सर्किट को हिट करता है, तो बाहर निकालने की तारीख फिर 3 दिन के लिए स्थगित कर दी जाएगी। स्टॉक को आखिरकार इंडेक्सों से बाहर कर दिया जाएगा, ऐसे में इंडेक्स फंड अपने ट्रैकिंग एरर को कम करने के लिए शेयर बेच रहे हैं।

उन्हें कितने शेयर बेचने हैं?

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी और सेंसेक्स फंड ट्रैकर्स दोनों के पास बेचने के लिए कुल करीब 14.5-15 करोड़ शेयर होंगे।

अब तक कितना बेचा जा चुका है?

21 अगस्त को डिलीवरी वॉल्यूम: 7.83 करोड़

22 अगस्त को डिलीवरी वॉल्यूम: 78 लाख

23 अगस्त को डिलीवरी वॉल्यूम: 47 लाख

पहले तीन दिनों में करीब 9.08 करोड़ शेयर बेचे गए। अगर यह मानें कि ये सभी शेयर पैसिव फंडों की ओर से बेचे गए हैं, तो अभी भी करीब 5.4 -5.9 करोड़ शेयर उनके पास बचे हुए हैं।

आखिर JFS को कब निफ्टी और सेंसेक्स से बाहर किया जाएगा?

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने पहले दो दिनों में सर्किट छुआ था। ऐसे में स्टॉक को बाहर निकालने की योजना को रोक दिया गया। अब इसे 24 अगस्त के बजाय, 29 अगस्त से हटाने की तैयारी है।

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