जियो प्लेटफॉर्म्स निवेशकों के लिए साबित हो सकता है वैल्यू क्रिएटर, बड़े प्राइवेट बैंक और ऑटो शेयर लग रहे अच्छे

आलोक अग्रवाल ने कहा कि टेलीकॉम के साथ जियो एक टेक प्लेटफॉर्म भी है। दुनिया में सबसे कम डाटा प्राइसिंग भारत में है। भारत में डाटा का कंपम्प्शन काफी हाई है। सस्ते डाटा के बाद भी कंपनी मार्जिन और मुनाफा कमा रही है। टेलीकॉम कंपनियों के पास प्राइसिंग पावर है,जिससे मुनाफे को सपोर्ट मिलेगा

अपडेटेड Oct 16, 2026 पर 12:22 PM
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मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए आलोक अग्रवाल ने कहा कि जुलाई में भी IT में तेजी आई थी। AI ट्रेड का असर IT सेक्टर पर था। फ्यूचर्स ग्रोथ में खास विजिबिलिटी नहीं है

21 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स का मेगा इश्यू खुलेगा। देश के इस सबसे बड़े IPO के जरिए 30,000 करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाने की तैयारी है। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर एक्सपर्ट काफी बुलिश है। एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट ( Alchemy Capital Management) के डेप्युटी CIO आलोक अग्रवाल का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स निवेशकों के लिए वैल्यू क्रिएटर साबित हो सकता है । उनका कहना है कि दुनिया में सबसे कम डाटा प्राइसिंग भारत में है, लेकिन कंजम्पशन बहुत ही हाई है। दुनिया में सबसे सस्ता डाटा देने के बाद कंपनी अच्छा मार्जिन और मुनाफा कमा रही हैं। आगे भी प्राइसिंग पावर से मुनाफे को सपोर्ट मिलेगा। यही वजह है कि टेलीकॉम सेक्टर और जियो पर पॉजिटिव नजरिया है।

आलोक अग्रवाल ने आगे कहा कि टेलीकॉम के साथ जियो एक टेक प्लेटफॉर्म भी है। दुनिया में सबसे कम डाटा प्राइसिंग भारत में है। भारत में डाटा का कंपम्प्शन काफी हाई है। सस्ते डाटा के बाद भी कंपनी मार्जिन और मुनाफा कमा रही है। टेलीकॉम कंपनियों के पास प्राइसिंग पावर है,जिससे मुनाफे को सपोर्ट मिलेगा। प्राइसिंग पावर से मुनाफे को सपोर्ट मिलेगा। टेलीकॉम सेक्टर और जियो पर पॉजिटिव नजरिया है।

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बाजार पर आलोक अग्रवाल की राय

मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए आलोक अग्रवाल ने कहा कि जुलाई में भी IT में तेजी आई थी। AI ट्रेड का असर IT सेक्टर पर था। फ्यूचर्स ग्रोथ में खास विजिबिलिटी नहीं है। ग्रोथ विजिबिलिटी पर ही IT की रैली टिकेगी। उन्होंने आगे कहा कि महंगा क्रूड भारतीय इकोनॉमी के लिए ठीक नहीं है। हमारा बाजार दूसरे इमर्जिंग मार्केट की तुलना में प्रीमियम पर है। ऑयल एंड, IT और FMCG में अर्निंग ग्रोथ विजिबिलिटी नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि लार्जकैप में बड़े प्राइवेट बैंकों की स्थिति बेहतर है। ऑटो सेक्टर पर भी पॉजिटिव नजरिया है। EV में बेहतर मार्केट शेयर पर पॉजिटिव नजरिया है। करेंसी में गिरावट से इंपोर्ट बिल बढ़ता है।

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