Yes Bank Share Price : सुप्रीम कोर्ट द्वारा यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड राइट-ऑफ को रद्द किए जाने के बाद बैंक के शेयरों में और गिरावट का जोखिम बढ़ गया है। इसके चलते ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने बैंक के शेयरों का टारगेट प्राइस घटा दिया है और चेतावनी दी है कि इससे बैंक के कैपिटल बफर में भारी कमी आ सकती है। ब्रोकरेज ने यस बैंक के शेयरों पर अपनी सेल रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को 22 रुपये से घटाकर 17.50 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।
ब्रोकरेज के नए टारगेट का मतलब है कि गुरुवार के 18.12 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से इसमें 3.4 प्रतिशत की और गिरावट आ सकती है। 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यस बैंक के शेयरों में 14.53 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा,जिसमें मार्च 2020 में बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग के दौरान किए गए AT-1 बॉन्ड राइट-डाउन को अमान्य करार दिया गया था।
इस शेयर की चाल पर नजर डालें तो 2026 में अब तक इस शेयर में 15.7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो निफ्टी 50 के प्रदर्शन से कमजोर है। इसी अवधि में निफ्टी 50 में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। गुरुवार को कारोबार बंद होने के समय यस बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 56,877 करोड़ रुपये था।
सिटी को यस बैंक के शेयर में क्यों दिख रहे हैं जोखिम ?
सिटी ने चेतावनी के लहजे में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला यस बैंक की कैपिटल पोजीशन को काफी कमजोर कर सकता है, क्योंकि बैंक को अब 8,415 करोड़ रुपये के उन AT-1 बॉन्ड को फिर से अपने बुक में शामिल करना पड़ सकता है,जिन्हें पहले राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालना) कर दिया गया था। ब्रोकरेज के मुताबिक इस फैसले से यस बैंक के कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) कैपिटल रेशियो में लगभग 250 बेसिस पॉइंट्स की कमी आ सकती है, जिससे यह घटकर करीब 11.5 प्रतिशत रह जाएगा। इस अनुमान में बकाया बॉन्ड पर कूपन भुगतान के अतिरिक्त प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है।
बता दें कि CET-1 किसी बैंक की वित्तीय मजबूती का एक प्रमुख पैमाना है, जो नुकसान की भरपाई के लिए उपलब्ध उसकी सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली पूंजी को दिखाता है। इस अनुपात में गिरावट आने से यस बैंक का 'कैपिटल कुशन'कम हो जाएगा, जिससे भविष्य में ग्रोथ को सपोर्ट करने की उसकी क्षमता सीमित हो सकती है।
सिटी ने यह भी अनुमान लगाया है कि इस फैसले का वित्तीय असर यस बैंक की बुक वैल्यू को 13-14 प्रतिशत तक घटा सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने चेतावनी दी है कि बैंक को अपने कैपिटल बफर को फिर से मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटानी पड़ सकती है, जिससे इस स्टॉक के आउटलुक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड को राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालने) के फैसले को रद्द कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि बैंक के प्रशासक के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं था। इस फैसले के बाद ये बॉन्ड अब भी बकाया माने जाएंगे, जिससे बैंक पर इनका भुगतान करने और ब्याज देने की देनदारी आ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यस बैंक की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, यस बैंक ने कहा कि वह इस फैसले की जांच कर रहा है और इसके प्रभावों का आकलन कर रहा है। 15 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी में बैंक ने कहा "बैंक फैसले की अंतिम कॉपी हासिल करने और उसका अध्ययन करने की प्रक्रिया में है, साथ ही वह इसके प्रभावों का भी आकलन कर रहा है। जरूरत पड़ने पर बैंक इस बारे में और जानकारी देगा।"
यस बैंक का शेयर 0.46 रुपए यानी 2.54 फीसदी की गिरावट के साथ 17.66 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन को लो 17.46 रुपए है। कल यह शेयर 18.12 रुपए पर बंद हुआ था। वहीं, आज इसकी ओपनिंग 17.69 रुपए पर हुई थी।
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